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ऑफिस में ज्यादा काम करने पर बॉस से पड़ी डांट! नॉर्वे में नौकरी कर रहे भारतीय शख्स ने शेयर की अपनी अनोखी कहानी

नॉर्वे में पिछले 15 साल से रह रहे भारतीय मूल के विनोद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह भारत से नॉर्वे काम करने गए थे, तब अपने साथ भारतीय वर्क कल्चर की आदतें भी ले गए थे। वह वीकेंड में भी काम करते थे, लंच छोड़ देते थे, देर रात तक ऑफिस का काम करते थे और तबीयत खराब होने पर भी खुद को काम के लिए मजबूर करते थे

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Jun 11, 2026 पर 5:26 PM
ऑफिस में ज्यादा काम करने पर बॉस से पड़ी डांट! नॉर्वे में नौकरी कर रहे भारतीय शख्स ने शेयर की अपनी अनोखी कहानी
ऑफिस में ज्यादा काम करने पर बॉस से पड़ी डांट! नॉर्वे में नौकरी कर रहे भारतीय शख्स ने शेयर की अपनी अनोखी कहानी (IMAGE-AI)

जहां भारत में अक्सर देर रात तक काम करना, छुट्टियों में भी ऑफिस के ईमेल का जवाब देना और बीमारी में भी काम करना काम के प्रति आपका "डेडिकेशन" माना जाता है, वहीं नॉर्वे में एक भारतीय कर्मचारी को इसी आदत की वजह से अपने बॉस की डांट सुननी पड़ी।

नॉर्वे में पिछले 15 साल से रह रहे भारतीय मूल के विनोद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह भारत से नॉर्वे काम करने गए थे, तब अपने साथ भारतीय वर्क कल्चर की आदतें भी ले गए थे। वह वीकेंड में भी काम करते थे, लंच छोड़ देते थे, देर रात तक ऑफिस का काम करते थे और तबीयत खराब होने पर भी खुद को काम के लिए मजबूर करते थे।

विनोद को लगता था कि उनकी मेहनत देखकर बॉस उनकी तारीफ करेंगे। लेकिन एक दिन उनके बॉस ने उन्हें अपने केबिन में बुलाया और ऐसी बात कही, जिसकी उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी।

विनोद के मुताबिक, बॉस ने उनसे कहा, "तुमने शनिवार को ईमेल का जवाब दिया। तुमने मुझे बताए बिना अपनी छुट्टी रद्द कर दी ताकि प्रोजेक्ट पूरा कर सको। मैं जानता हूं कि तुम्हारा इरादा अच्छा था, लेकिन यह सही नहीं है। छुट्टी लेना जरूरी है और उसे कभी नहीं छोड़ना चाहिए। तुमसे जूनियर कर्मचारी तुम्हें देख रहे हैं। अगर वे ऐसा देखेंगे तो उन्हें लगेगा कि डेडिकेशन की यही एक पहचान है।"

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