ट्रेडिंग या जुआ? ₹2 करोड़ गंवाने वाले डेवलपर ने खुद बताया कैसे मुनाफे का खेल बन गया लत
शेयर बाजार से जल्दी पैसा कमाने की चाह भारतीय मूल के सॉफ्टवेयर डेवलपर अक्षय सापरा के लिए परेशानी बन गई। 31 साल के अक्षय ने बताया कि ट्रेडिंग की आदत इतनी बढ़ गई कि उन्होंने लाखों डॉलर गंवा दिए। कभी बड़ा मुनाफा हुआ तो कभी भारी नुकसान। धीरे-धीरे ट्रेडिंग उनकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन गई
शेयर बाजार में जल्दी पैसा कमाने की कोशिश एक भारतीय मूल के सॉफ्टवेयर डेवलपर के लिए धीरे-धीरे बड़ी परेशानी बन गई। कनाडा में रहने वाले 31 साल के अक्षय सापरा ने बताया कि ट्रेडिंग करते-करते उनकी आदत इतनी बढ़ गई कि उन्होंने लाखों डॉलर गंवा दिए। शुरुआत में शेयरों से होने वाला मुनाफा उन्हें काफी अच्छा लगता था और इसी वजह से वह लगातार बड़े दांव लगाने लगे। धीरे-धीरे ट्रेडिंग उनके रोज के काम का बड़ा हिस्सा बन गई। वह कई-कई घंटे शेयरों की खरीद-बिक्री में लगाने लगे। कभी उन्हें भारी मुनाफा हुआ तो कभी उतना ही बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
हालात यहां तक पहुंच गए कि उन्हें ट्रेडिंग की आदत के लिए एक विशेष कार्यक्रम में भी जाना पड़ा। इसके बावजूद वह दोबारा शेयर बाजार में लौट आए। उनकी कहानी बताती है कि मुनाफे की चाह कब जोखिम भरी आदत में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं होता।
बचपन की आर्थिक परेशानियों का पड़ा असर
अक्षय का जन्म भारत में हुआ था। जब वह चार साल के थे, तब उनका परिवार कनाडा चला गया। शुरुआत में परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके माता-पिता ने अलग-अलग काम किए और धीरे-धीरे परिवार की स्थिति बेहतर हुई।
अक्षय का मानना है कि बचपन में पैसों को लेकर रही असुरक्षा ने उनके मन पर गहरा असर डाला। उन्होंने मानसिक तनाव और बचपन के कुछ मुश्किल अनुभवों का भी जिक्र किया।
कॉलेज में शुरू हुई शेयर बाजार की कहानी
अक्षय ने 2017 में कॉलेज के दौरान शेयर बाजार में पैसा लगाना शुरू किया। एक दोस्त ने उन्हें कनाडा में मारिजुआना कंपनियों के शेयरों में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में शेयर ऊपर गए, लेकिन अक्षय ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में बार-बार खरीद-बिक्री करने लगे। धीरे-धीरे ट्रेडिंग उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन गई।
क्लास में बैठकर भी करते थे ट्रेडिंग
अक्षय ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई के दौरान भी वह लैपटॉप पर शेयरों की खरीद-बिक्री करते रहते थे। शुरुआत में उन्हें नुकसान हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने कुछ मुनाफा कमाना शुरू किया।2018 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी मिलने के बाद ट्रेडिंग कुछ कम हुई। लेकिन एक ट्रेड ने उनका नजरिया फिर बदल दिया। उन्होंने बताया कि Meta के शेयर पर लगाए एक दांव से अच्छा मुनाफा हुआ। इस सफलता ने उन्हें ट्रेडिंग का रोमांच और ज्यादा महसूस कराया।
नौकरी छोड़ी, ट्रेडिंग को बनाया रोज का काम
समय के साथ अक्षय ने अपनी नौकरी छोड़ दी और Uber के लिए डिलीवरी करने लगे। इसके साथ ही वह शेयर बाजार में ज्यादा समय देने लगे। अगले कुछ सालों में उनकी जिंदगी मुनाफे और नुकसान के बीच घूमती रही। कभी बड़ी कमाई होती तो कभी उतना ही बड़ा नुकसान हो जाता।
ट्रेडिंग की लत इतनी बढ़ी कि लिया इलाज
अक्षय के मुताबिक, एक समय ट्रेडिंग की आदत इतनी बढ़ गई कि उन्होंने तीन हफ्ते के जुए की लत से जुड़े एक प्रोग्राम में हिस्सा लिया। इलाज के दौरान उनके पास फोन रखने की अनुमति नहीं थी। लेकिन उन्होंने खुद बनाया हुआ क्रिप्टो ट्रेडिंग बॉट तैयार किया था, जो उनकी गैरमौजूदगी में भी ट्रेड करता रहा। उन्हें वहां मौजूद दूसरे लोगों ने चेतावनी दी थी कि वह दोबारा ट्रेडिंग शुरू कर देंगे। बाद में अक्षय ने माना कि उनकी बात सही साबित हुई।
लाखों कमाए, लेकिन जोखिम भी बढ़ता गया
इलाज के बाद अक्षय फिर ट्रेडिंग में लौट आए। उन्होंने Uber से हुई कमाई के अलावा कर्ज और क्रेडिट का इस्तेमाल भी ट्रेडिंग में करना शुरू कर दिया। उन्होंने AMD और Nvidia जैसी कंपनियों से जुड़े ट्रेड में बड़ी कमाई की। एक समय उनकी कमाई 17 लाख कनाडाई डॉलर से ज्यादा हो गई थी। शुरुआत में उनका लक्ष्य करीब 5 लाख कनाडाई डॉलर कमाकर ट्रेडिंग छोड़ना था। लेकिन जैसे-जैसे रकम बढ़ती गई, उनकी उम्मीदें भी बढ़ती चली गईं।
दिन में 16 घंटे तक करते थे ट्रेडिंग
अक्षय ने बताया कि एक समय वह रोजाना करीब 16 घंटे तक ट्रेडिंग करते थे। कई बार वह बिस्तर पर लेटे-लेटे iPhone से शेयरों में पैसा लगाते थे। कुछ दिनों में वह हजारों डॉलर कमा लेते थे। इतनी तेजी से पैसा बनने का अनुभव उनके लिए रोमांचक था, लेकिन इसी के साथ जोखिम भी लगातार बढ़ता गया।
2025 के अंत तक ज्यादातर मुनाफा हुआ खत्म
बड़ी कमाई के बावजूद नुकसान का सिलसिला भी चलता रहा। अक्षय के मुताबिक, 2025 के अंत तक वह अपनी जमा की गई कमाई का लगभग पूरा हिस्सा गंवा चुके थे। Beyond Meat में किए गए एक निवेश से उन्हें करीब 2 लाख डॉलर का नुकसान हुआ। इसके बाद भी उन्होंने ट्रेडिंग छोड़ने के बजाय नुकसान की भरपाई करने के लिए और बड़ा दांव लगाने का फैसला किया।लेकिन कुछ ही समय में वह रकम भी चली गई।
SpaceX पर लगाया बड़ा दांव भी पड़ा भारी
अक्षय की हाल की ट्रेडिंग में SpaceX भी शामिल रही। वह कंपनी को काफी पसंद करते हैं और उन्हें उम्मीद थी कि Nasdaq-100 में शामिल होने से इसके शेयरों में तेजी आ सकती है। उन्होंने बड़ी संख्या में शेयर और कॉल ऑप्शन खरीदे। लेकिन शेयर की कीमत उम्मीद के उलट गिर गई।
इसके बाद उन्होंने गिरावट से फायदा कमाने के लिए पुट ऑप्शन में भी पैसा लगाया। अक्षय के अनुसार, सिर्फ एक हफ्ते में SpaceX से जुड़े ट्रेड में उन्हें 3.5 लाख डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ।
एक महीने में ₹2 करोड़ गंवाए
अक्षय ने बताया कि एक महीने के अंदर उन्होंने SpaceX पर दांव लगाते हुए 3 लाख डॉलर से ज्यादा यानी करीब ₹2 करोड़ कमाए, गंवाए और फिर दोबारा गंवा दिए। उनकी कहानी दिखाती है कि शेयर बाजार में लगातार ट्रेडिंग किस तरह मुनाफे की चाह से बढ़कर एक खतरनाक आदत का रूप ले सकती है।
अब YouTube पर दिखाएंगे अपनी हर ट्रेड
इतने बड़े नुकसान के बावजूद अक्षय ने ट्रेडिंग पूरी तरह छोड़ने का फैसला नहीं किया है। अब वह एक YouTube चैनल शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जहां अपनी हर ट्रेड को सार्वजनिक रूप से दिखाएंगे। उनका मानना है कि ऐसा करने से वह अपने फैसलों के प्रति ज्यादा जिम्मेदार रहेंगे। अक्षय खुद भी मानते हैं कि उनकी ट्रेडिंग में एक कौशल जरूर है, लेकिन कई बार यह ट्रेडिंग और जुए के बीच की सीमा पार कर जाती है।