Video: रील्स में दिखने वाली हंसी के पीछे छिपा है दर्द, ‘लाफिंग बॉय’ की कहानी कर देगी इमोशनल

Laughing Meme Boy Real Story: 15 सेकंड के वायरल लाफिंग मीम से मशहूर हुए अरुण कुमार की असली कहानी काफी भावुक करने वाली है। महज 10 साल की उम्र में उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा और ट्रक पर काम करना पड़ा। लेकिन उनके उस्ताद ने ट्रक के केबिन को ही क्लासरूम बनाकर पढ़ाई जारी रखने में मदद की

अपडेटेड Mar 07, 2026 पर 2:51 PM
Story continues below Advertisement
Laughing Meme Boy Real Story: तेलंगाना के रहने वाले अरुण सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं। 

आजकल सोशल मीडिया पर कई ऐसे चेहरे वायरल हो जाते हैं, जिन्हें लोग सिर्फ मनोरंजन के तौर पर देखते हैं। रील्स और मीम्स की दुनिया में एक ऐसा ही चेहरा है अरुण कुमार, जिसकी खिलखिलाती हंसी ने लाखों लोगों का ध्यान खींचा है। उसकी सच्ची और मासूम हंसी इतनी अलग है कि देखते ही लोग मुस्कुरा उठते हैं। इंटरनेट पर उसे कई लोग “लाफिंग बॉय” के नाम से भी जानते हैं और उसके वीडियो तेजी से शेयर किए जाते हैं। लेकिन स्क्रीन पर दिखने वाली यह हंसी उसकी जिंदगी की पूरी कहानी नहीं है। इस मुस्कान के पीछे संघर्ष, गरीबी और मुश्किल हालातों से भरा एक लंबा सफर छिपा हुआ है। कम उम्र में ही अरुण को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिनकी कल्पना करना भी आसान नहीं है।

हालांकि कठिनाइयों के बावजूद उसने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपनी जिंदगी को नई दिशा देने की कोशिश की। आज उसकी कहानी सिर्फ वायरल वीडियो तक सीमित नहीं, बल्कि मेहनत और हौसले की मिसाल भी बन गई है।

बचपन में ही संभालनी पड़ी जिम्मेदारियां


अरुण की जिंदगी आसान नहीं रही। महज 10 साल की उम्र में ही उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी। जब दूसरे बच्चे स्कूल जाते थे, तब अरुण काम की तलाश में भटक रहा था। घर की खराब आर्थिक हालत के कारण उसे ट्रक पर क्लीनर का काम करना पड़ा, जहां उसकी मुलाकात ट्रक ड्राइवर नेहरू से हुई।

एक हंसी ने बदल दी किस्मत

एक दिन चाय की दुकान पर अरुण किसी बात पर जोर से हंस पड़ा। उसकी वही सच्ची और दिल जीत लेने वाली हंसी नेहरू ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली और इंटरनेट पर डाल दी। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और अरुण रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बन गया। हालांकि विडंबना यह थी कि जिसकी तारीफ में लोग कमेंट कर रहे थे, वह अनपढ़ होने के कारण उन्हें पढ़ भी नहीं सकता था।

जब ट्रक का केबिन बना पढ़ाई का कमरा

नेहरू ने अरुण की हालत देखकर तय किया कि वह उसे पढ़ाई से दूर नहीं रहने देंगे। उन्होंने किताबें खरीदीं, परीक्षा फॉर्म भरवाया और खुद पढ़ाना शुरू किया। लंबी यात्राओं के दौरान ट्रक का केबिन ही उनका क्लासरूम बन जाता, जहां अरुण धीरे-धीरे पढ़ना-लिखना सीखने लगा।

मेहनत लाई रंग, परीक्षा में मिली सफलता

लगातार मेहनत और मार्गदर्शन का नतीजा आखिरकार सामने आया। साल 2026 में अरुण ने परीक्षा पास कर ली। अब वह सिर्फ इंटरनेट का ‘लाफिंग बॉय’ नहीं, बल्कि अपनी मेहनत से आगे बढ़ने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।

सोशल मीडिया पर भी बना अलग पहचान

तेलंगाना के रहने वाले अरुण सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं। इंस्टाग्राम पर @mr_laddu_0009 नाम से उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जहां वह अपनी जिंदगी के मजेदार पल शेयर करते हैं। वहीं यूट्यूब पर भी उनके हजारों सब्सक्राइबर्स हैं, जो उनके देसी अंदाज को खूब पसंद करते हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।