आज के दौर में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी पाना लाखों युवाओं का सपना होता है। लेकिन कानपुर की रहने वाली 25 वर्षीय श्रेया तिवारी ने कुछ अलग ही रास्ता चुना। श्रेया ने न केवल अपनी सुरक्षित कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ी, बल्कि आज वह अपने जुनून के दम पर उससे तीन गुना ज्यादा कमाई कर रही हैं। यह कहानी केवल करियर बदलने की नहीं, बल्कि एक किसान की बेटी के साहस और उसकी मां के संघर्षों के सम्मान की है।
संघर्षों के बीच बीता बचपन
श्रेया का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता एक किसान हैं और घर की आर्थिक स्थिति हमेशा चुनौतीपूर्ण रही। पांच भाई-बहनों के इस परिवार में शिक्षा पाना आसान नहीं था। श्रेया बताती हैं कि उनकी माँ ने समाज की पुरानी सोच के खिलाफ जाकर अपनी बेटियों को पढ़ाने का फैसला किया। उनकी माँ दिन-रात सिलाई का काम करती थीं ताकि बच्चों की पढ़ाई की फीस भरी जा सके। माँ के इसी जज्बे ने श्रेया को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
अपनी मेहनत के दम पर श्रेया ने TCS में नौकरी हासिल की, जहां उन्हें सालाना 4 लाख रुपये का पैकेज मिला। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए यह बड़ी उपलब्धि थी। लेकिन जल्द ही श्रेया को अहसास हुआ कि डेस्क जॉब और 9 से 5 का रूटीन उनके सपनों के लिए काफी नहीं है। वह कुछ ऐसा करना चाहती थीं जहाँ उनकी रचनात्मकता (creativity) को उड़ान मिल सके।
एक साहसी फैसला और नई शुरुआत
सुरक्षित भविष्य को छोड़कर अनिश्चितता की राह चुनना आसान नहीं था, लेकिन श्रेया ने खुद पर भरोसा किया। उन्होंने TCS से इस्तीफा दे दिया और फ्रीलांसिंग, कंटेंट क्रिएशन और फैशन की दुनिया में कदम रखा। शुरुआत में चुनौतियां आईं, लेकिन श्रेया ने हार नहीं मानी।
आज श्रेया दिल्ली में रहती हैं और उनके पास आय के तीन मुख्य स्रोत हैं:
1. कंटेंट क्रिएशन: सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखना और ब्रांड्स के साथ जुड़ना।
2. फ्रीलांसिंग: विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर अपनी विशेषज्ञता के साथ काम करना।
3. फैशन बिजनेस: अपना खुद का क्लोदिंग ब्रांड चलाना।
आज श्रेया की सालाना आय लगभग 14 लाख रुपये है, जो उनकी पिछली नौकरी के मुकाबले तीन गुना से भी अधिक है। उनकी यह सफलता उन युवाओं के लिए एक मिसाल है जो समाज के डर से अपने सपनों को दबा देते हैं। श्रेया का मानना है कि यदि आपके पास सही कौशल है और आप कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं, तो डिजिटल युग में अवसरों की कोई कमी नहीं है।