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ISRO Solar Storms: धरती तक पहुंच रहा सूरज पर उठा तूफान, बिगड़े मिजाज से 50 भारतीय सैटेलाइट पर खतरा

ISRO Solar Storms: सूरज पर सौर तूफान चलते रहते हैं। लेकिन हाल के दिनों में हमारी आकाशगंगा का इस सबसे बड़े तारे की सक्रियता ने धरती पर वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। भारतीय अंतरिक्ष संस्थान ने लगभग 50 सैटेलाइटों को खतरा बताया है। आइए समझें पूरा मामला

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 06, 2026 पर 8:20 PM
ISRO Solar Storms: धरती तक पहुंच रहा सूरज पर उठा तूफान, बिगड़े मिजाज से 50 भारतीय सैटेलाइट पर खतरा
4 फरवरी को, सूरज ने एक मजबूत सोलर फ्लेयर छोड़ा।

ISRO Solar Storms: पिछले कुछ समय से हमारे सौर मंडल और आकाशगंगा के सबसे बड़े तारे यानी सूरज का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ है। वहां सौर तूफान चल रहे हैं, जिसकी धमक धरती तक भी पहुंच रही है। सूरज से निकलने वाली आंच को वैज्ञानिक भाषा में सोलर फ्लेयर कह सकते हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार इस हफ्ते सूरज बहुत ज्यादा सक्रिय है। सूरज की इस गतिविधि ने धरती पर मौजूद अंतरिक्ष विज्ञानियों को चिंता में डाल दिया है। नासा और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधार केंद्र (ISRO) दोनों स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

क्यों 'गुस्सा' है सूरज?

मौजूदा सोलर तूफान एक मैग्नेटिक रूप से जटिल सनस्पॉट क्लस्टर, जिसे एक्टिव रीजन 14366 कहा जाता है, के अचानक तेज होने से शुरू हुआ। यह रीजन पिछले कुछ दिनों में कई बार फटा है, जिसके कारण चार बहुत तेज सोलर फ्लेयर्स निकले हैं, जिसमें एक X8.1-क्लास फ्लेयर भी शामिल है, जो 2026 का अब तक का सबसे शक्तिशाली फ्लेयर है।

सोलर फ्लेयर्स क्या होते हैं?

सोलर फ्लेयर्स एनर्जी के तेज विस्फोट होते हैं। फ्लेयर्स और सोलर विस्फोट रेडियो कम्युनिकेशन, पावर नेटवर्क और नेविगेशन सिग्नल को बाधित कर सकते हैं, जिससे स्पेसक्राफ्ट और एस्ट्रोनॉट्स को खतरा हो सकता है। इन्हें ताकत के हिसाब से साइज के अनुसार कैटेगरी में बांटा गया है:

X-क्लास : सबसे मजबूत

M-क्लास : X से 10 गुना कमजोर

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