जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक प्रोफेसर के साथ मारपीट का सामना सामने आया है। बताया जा रहा है कि राजौरी जिले के एक गांव में वाहनों की जांच के दौरान सैनिकों ने प्रोफेसर पर हमला किया। इससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं हैं। पीड़ित की पहचान लियाकत अली के रूप में हुई है, जो कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में प्रोफेसर के पद पर काम कर रहे हैं। सेना ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। अली का कहना है कि सैनिकों ने बिका किसी उकसावे के उन पर हमला किया गया है।
इधर सैनिकों का कहना है कि प्रोफेसर ने हथियार छीनने की कोशिश की थी। इसके चलते हाथापाई हुई और उन्हें चोटें आईं। इस घटना से इलाके में तनाव है और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सेना की ओर से कहा है कि पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अगर कोई भी जवान दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ मौजूदा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रोफेसर ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात सैन्यकर्मियों के खिलाफ भी FIR दर्ज की है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में प्रोफेसर खून से लथपथ नजर आ रहे हैं। इसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। वहीं सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि राजौरी जिले में सेना के जवानों की ओर से कुछ व्यक्तियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना सामने आई है। यह इलाका संवेदनशील है और सेना को एक वाहन में आतंकवादियों की संभावित आवाजाही की सूचना मिली थी। इसी के तहत तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि जब व्यक्ति को रोका गया, तो उसने ड्यूटी पर तैनात जवानों से हथियार छीनने की कोशिश की और झड़प की स्थिति पैदा हो गई।
सेने ने बयान में कहा गया है कि समाज के सभी वर्गों से अनुरोध है कि इस संवेदनशील इलाके में सामूहिक और व्यापक सुरक्षा के लिए भारतीय सेना के साथ सहयोग और सहभागिता बनाए रखें। कथित घटना उस समय हुई जब प्रोफेसर अली अपने कुछ परिजनों के साथ एक रिश्तेदार की शादी से पहले के समारोह में शामिल होने के बाद अपने घर कालाकोट लौट रहे थे। प्रोफेसर अली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर कहा कि उन पर बिना किसी कारण के हमला किया गया है।