बिहार के कटिहार रेलवे स्टेशन से वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया है। वीडियो में खीरे को हरे रंग के घोल में डुबोकर चमकदार और ताजा दिखाने की कोशिश की जा रही थी। सोशल मीडिया पर वीडियो फैलते ही लोगों ने खाने-पीने की चीजों में मिलावट को लेकर चिंता जतानी शुरू कर दी। गर्मी के मौसम में लोग स्टेशन और बाजारों से बड़ी मात्रा में फल-सब्जियां खरीदते हैं, लेकिन इस घटना ने सवाल खड़ा कर दिया कि क्या चमकदार दिखने वाली हर चीज सच में सुरक्षित होती है?
मामला सामने आते ही रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ ने जांच शुरू कर दी और कई महिलाओं को हिरासत में लिया गया। अब यह घटना लोगों को खरीदारी करते समय ज्यादा सतर्क रहने का संदेश भी दे रही है, क्योंकि कई बार सिर्फ ताजगी का दिखावा सेहत पर भारी पड़ सकता है।
वायरल वीडियो ने खोली पूरी पोल
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए वीडियो में साफ दिखाई दे रहा था कि कुछ महिलाएं खीरे को किसी हरे रंग में डुबो रही हैं। ऐसा करने के बाद खीरे ज्यादा ताजे और चमकदार नजर आने लगे।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर खाने की चीजों को आकर्षक दिखाने के लिए इस तरह के तरीकों का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है।
आरपीएफ ने वीडियो की जांच शुरू की और उसमें दिखाई देने वाली महिलाओं की पहचान की। जांच में पता चला कि महिलाओं के नाम फूलबती देवी और पार्वती देवी हैं।
कार्रवाई करते हुए आरपीएफ ने फूलबती देवी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि स्टेशन परिसर में खीरा बेचने वाली अन्य 8 महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया है।
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने क्या बताया?
कटिहार रेलवे स्टेशन के आरपीएफ इंस्पेक्टर के मुताबिक, वीडियो मिलने के बाद तुरंत जांच शुरू की गई। वीडियो में दो महिलाएं खीरे को हरे रंग में डुबोती दिखाई दे रही थीं, जिससे वे ज्यादा ताजे लग रहे थे।
जांच पूरी होने के बाद संबंधित महिला को गिरफ्तार किया गया और स्टेशन परिसर में विशेष छापेमारी अभियान भी चलाया गया।
पूछताछ में महिला ने कबूली सच्चाई
पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने माना कि वह और दूसरी महिला खीरे को हरे रंग में डुबोकर बेचती थीं। उनका मकसद ग्राहकों को आकर्षित करना था, ताकि खीरे ज्यादा ताजे और अच्छे दिखें।
इस खुलासे के बाद लोगों के बीच खाने-पीने की चीजों में मिलावट को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
रेलवे एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह घटना 07 मई 2026 की बताई जा रही है। मामले में अज्ञात महिला विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कर रेलवे एक्ट के तहत केस बनाया गया है।
फिलहाल पूरे मामले में आगे की जांच जारी है और रेलवे प्रशासन स्टेशन परिसर में बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर नजर बनाए हुए है।
इस घटना के बाद लोग अब बाजार और स्टेशन पर बिकने वाली सब्जियों और फलों को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खाने-पीने की चीजें खरीदते समय सिर्फ चमक और रंग देखकर भरोसा नहीं करना चाहिए, बल्कि सावधानी बरतना भी बेहद जरूरी है।