लेऑफ के बाद ऑफिस की आखिरी विजिट बनी दर्दनाक याद! सोशल मीडिया पर वायरल हुई इमोशनल कहानी

नौकरी से निकाले जाने के बाद एक कर्मचारी कंपनी का लैपटॉप लौटाने ऑफिस पहुंचा। ऑफिस में अपने साथ 2 साल के बेटे को ले जाने की वजह से उसे एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा। जानें क्या है पूरा मामला

अपडेटेड Aug 12, 2026 पर 4:36 PM
ऑफिस में विजिटर्स और बच्चों को लेकर कंपनी की अपनी पॉलिसी हो सकती है

नौकरी से निकाले जाने के बाद एक कर्मचारी कंपनी को लैपटॉप वापस करने के लिए ऑफिस गया। व्यक्ति के साथ वहां पर हैरान कर देने वाली घटना हुई। व्यक्ति ने ये घटना शेयर करते हुए बताया कि, ऑफिस की यह आखिरी यात्रा उसके 2 साल के बेटे के लिए भी एक मुश्किल और समझ से परे अनुभव बन गई। उसकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई। लोग इस पोस्ट पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। Reddit पर शेयर पोस्ट में कर्मचारी ने बताया कि, वह ब्लैकरॉक की कंपनी प्रीक्विन में काम करता था। हाल ही में उसकी नौकरी चली गई थी और वह ऑफिस में अपनी आखिरी दिन की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पहुंचा था।

बेटा अंदर नहीं जा सकता

उस समय उसकी पत्नी भी काम पर थी और उनके 2 साल के बच्चे की देखभाल के लिए घर पर कोई और नहीं था। ऐसे में कर्मचारी को अपने बच्चे को ऑफिस साथ ले जाना पड़ा। उसने बताया, “घर पर उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था, इसलिए मेरे पास उसे अपने साथ ले जाने के अलावा कोई चारा नहीं था।” लेकिन, ऑफिस पहुंचने के बाद कर्मचारी को बताया गया कि उसका बेटा अंदर नहीं आ सकता। उसने अपनी स्थिति समझाने की कोशिश की और बताया कि यह उसका आखिरी दिन था और उसे सिर्फ कंपनी का लैपटॉप जमा करके वापस जाना था। इसके बावजूद उसकी रिक्वेस्ट को मंजूरी नहीं दी गई और बच्चे को ऑफिस के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।


सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

इसके बाद कर्मचारी को मजबूर होकर एक कलीग को फोन करना पड़ा और जब तक वह लैपटॉप जमा करने की प्रक्रिया पूरी करता, तब तक अपने बेटे की देखभाल करने के लिए कहा। उसे लगा था कि यह काम महज पांच मिनट में पूरा हो जाएगा, लेकिन पूरी प्रक्रिया में करीब 15 मिनट लग गए। कर्मचारी ने कहा कि इस पूरी स्थिति की वजह से उसे काफी बुरा महसूस हुआ। लेकिन, इस अनुभव से परेशान होने के बावजूद उसने साफ किया कि वह कंपनी पर किसी नियम को तोड़ने का आरोप नहीं लगा रहा है। उसका कहना था कि वह समझता है कि ऑफिस में विजिटर्स और बच्चों को लेकर कंपनी की अपनी पॉलिसी हो सकती है।

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बन गई एक दर्दनाक याद

नौकरी जाने के बाद इस अनुभव ने कर्मचारी को एहसास कराया कि कंपनी के लिए उसकी निजी परिस्थितियां उतनी मायने नहीं रखतीं, जितनी उसके लिए खुद रखती हैं। उन्होंने लिखा, “आप अपना सालों का समय दे सकते हैं, देर तक काम कर सकते हैं, जिम्मेदारी ले सकते हैं और कंपनी को अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा मान सकते हैं। लेकिन जब नौकरी का रिश्ता खत्म होता है, तो आखिर में यह एक बिजनेस फैसला ही होता है।” उन्होंने लिखा, “मेरे लिए, यह चीजों को सही नजरिए से देखने की एक दर्दनाक याद दिलाने वाली बात थी।”

लोगों ने किया पोस्ट

व्यक्ति का ये पोस्ट कुछ ही समय में Reddit पर चर्चा का विषय बन गई। एक यूजर ने कहा, "कंपनी से पहले ही लेबल लगा हुआ बॉक्स मंगवा लेना चाहिए, ताकि लैपटॉप आसानी से वापस भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि कंपनी का समय या पैसा बचाने के लिए कर्मचारी को खुद अपना समय और मेहनत खर्च करने की जरूरत नहीं है।" वहीं दूसरे ने कहा, "वह अगली बार खुद ऑफिस जाने के बजाय लैपटॉप रिसेप्शन पर छोड़ सकता है, किसी पुराने कलीग से मदद मांग सकता है या कंपनी से डिवाइस वापस भेजने के लिए बॉक्स मंगवा सकता है।"

वहीं, एक और यूजर ने कहा कि, "कई लोग कॉर्पोरेट नौकरी, अच्छी सैलरी और ऑफिस की सुविधाओं वाली जिंदगी को पसंद करते हैं, लेकिन नौकरी जाने के बाद कंपनी के रवैये से उन्हें निराशा होती है"। यूजर ने यह भी कहा कि कुछ कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के दौरान उनके साथ खराब व्यवहार किया जाता है और ऐसी स्थिति में उनके लिए सहानुभूति महसूस करना जरूरी नहीं है।

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