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क्या आपने सुना है ऐसा गांव जहां रसोई भारत में, बेडरूम म्यांमार में?

Longwa Village: दुनिया में एक जगह ऐसी भी है जहां लोग रोज़मर्रा की जिंदगी दो देशों में बिताते हैं, खाना भारत में, सोना म्यांमार में। सुनने में अजीब लगता है, पर यही हकीकत है। सोच रहे हैं ये कैसे संभव है और क्यों इतना खास है ये गांव? आइए जानते हैं इस अनोखी जगह की दिलचस्प कहानी

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 28, 2025 पर 12:54 PM
क्या आपने सुना है ऐसा गांव जहां रसोई भारत में, बेडरूम म्यांमार में?
Longwa Village: लोंगवा गांव ये साबित करता है कि सीमाएं इंसानों को नहीं, नक्शों को बांटती हैं

ये दुनिया अजीबोगरीब जगहों से भरी पड़ी है, लेकिन कुछ जगहें इतनी अनोखी होती हैं कि दिमाग भी चकरा जाए। सोचिए, अगर आपको रोज अपने ही घर में रहते हुए एक नहीं बल्कि दो देशों की सैर करनी पड़े, तो कैसा लगेगा? सुनकर फिल्मी लगता है, लेकिन ये हकीकत है। पूर्वोत्तर भारत में एक गांव ऐसा भी है जहां लोग कभी भारत में होते हैं तो अगले ही पल म्यांमार में। यहां बॉर्डर कोई दीवार नहीं, बल्कि जिंदगी का हिस्सा है इतना सामान्य कि लोग इसे लेकर हैरान भी नहीं होते। एक देश में खाना, दूसरे में सोना, और बिना पासपोर्ट-वीजा की झंझट के रोज दो देशों की नागरिकता का मजा लेना

ये सब किसी सपने जैसा लगता है। ये गांव सिर्फ अपनी भौगोलिक स्थिति से ही खास नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति, परंपराएं और अनोखी कहानियां भी इसे दुनिया के सबसे दिलचस्प स्थानों में शामिल करती हैं।

घर भारत में, रसोई म्यांमार में

लोंगवा गांव का आधा हिस्सा भारत में और आधा हिस्सा म्यांमार में है। साल 1970-71 में जब बॉर्डर खींची गई, तब ये गांव दो हिस्सों में बंट गया। यहां कई परिवार ऐसे हैं जिनका बेडरूम म्यांमार में और किचन भारत में है। कोई खेती करने भारत आता है तो वापस म्यांमार में जाकर आराम करता है। यहां के लोग कहते हैं – “हम दो देशों के बीच रहते हैं, लेकिन हमारी जिंदगी एक ही है।”

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