‘नेशनल क्रश’ मेजर ऋषभ साम्ब्याल ने अचानक लिया Premature Retirement, जानें क्यों छोड़ी 12 साल पुरानी नौकरी
Rishabh Singh Sambyal: सोशल मीडिया पर ‘नेशनल क्रश’ के नाम से मशहूर हुए मेजर ऋषभ सिंह संब्याल एक बार फिर चर्चा में हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC रह चुके साम्ब्याल ने करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया है। उनके इस फैसले ने सोशल मीडिया पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है
जिंदगी में कुछ परिस्थितियां और अनुभव इंसान की दिशा बदल देते हैं।
मेजर ऋषभ सिंह संब्याल को सोशल मीडिया पर शायद ही कोई भूल पाया हो। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC रहते हुए उनकी तस्वीरें और वीडियो अक्सर इंटरनेट पर वायरल होते थे। उनकी शख्सियत और राष्ट्रपति के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूदगी ने उन्हें सोशल मीडिया पर खासा लोकप्रिय बना दिया था। लोग मजाकिया अंदाज में उन्हें भारत का ‘नेशनल क्रश’ तक कहने लगे थे। लेकिन अब संब्याल एक बार फिर चर्चा में हैं। करीब 12 साल तक भारतीय सेना में सेवा देने के बाद उन्होंने समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है।
राष्ट्रपति भवन में आखिरी दौर के बाद लिया रिटायरमेंट
संब्याल के रिटायरमेंट की जानकारी राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक डिजिटल फोटो लाइब्रेरी में उन्हें ‘रिटायर्ड फॉर्मर ADC’ के तौर पर सूचीबद्ध किए जाने के बाद सामने आई। सेना से विदाई के बाद उन्होंने 21 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी की। उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए राष्ट्रपति के मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आभार जताया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की सीख और आशीर्वाद ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनने में मदद की। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति के परिवार से दोबारा मिलने की खुशी भी जाहिर की।
जम्मू-कश्मीर से हैं गहरे रिश्ते
मेजर ऋषभ सिंह संब्याल का संबंध जम्मू-कश्मीर से जुड़े डोगरा राजपूत परिवार से बताया जाता है। सेना में जाने की उनकी यात्रा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी NDA से शुरू हुई। उन्होंने 2013 में NDA की परीक्षा पास की और 2014 में 133वें NDA कोर्स में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंध और मामलों में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। 2017 में वह भारतीय सैन्य अकादमी पहुंचे, जहां उन्होंने सैन्य अध्ययन और रक्षा प्रबंधन से जुड़ी पढ़ाई की।
गणतंत्र दिवस परेड ने दिलाई पहली बड़ी पहचान
संब्याल को पहली बड़ी पहचान 2021 में मिली। उस समय वह कैप्टन के पद पर जाट रेजिमेंट में तैनात थे और उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में रेजिमेंट के दल का नेतृत्व किया। उनकी अगुवाई में इस दल ने प्रतिष्ठित सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल की ट्रॉफी अपने नाम की। इस उपलब्धि ने उनके सैन्य करियर में एक अहम पहचान बनाई।
स्पेशल फोर्सेज का भी हिस्सा रहे
संब्याल ने सेना की एलीट 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में भी सेवा दी। इस यूनिट को ‘डैगर्स’ के नाम से भी जाना जाता है। स्पेशल फोर्सेज में सेवा के दौरान उन्हें बलिदान बैज भी मिला। यह पैराशूट रेजिमेंट की स्पेशल फोर्सेज से जुड़ा एक खास सम्मान है।
राष्ट्रपति के ADC बने तो बढ़ी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता
मार्च 2023 में संब्याल को राष्ट्रपति के ADC पद के लिए चुना गया। इसके बाद वह राष्ट्रपति के साथ कई आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों और विदेशी दौरों में नजर आने लगे। इस जिम्मेदारी ने उन्हें आम लोगों के बीच भी पहचान दिलाई। राष्ट्रपति के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगे और देखते ही देखते वह इंटरनेट पर चर्चित चेहरा बन गए।
अपने लिंक्डइन प्रोफाइल में संब्याल ने खुद को 12 साल के सैन्य अनुभव वाला पेशेवर बताया है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम का नेतृत्व करने, रणनीतिक योजना बनाने और अलग-अलग एजेंसियों के साथ काम करने का अनुभव भी साझा किया है।
PMO से लेकर विदेशी दौरों तक का अनुभव
अपने प्रोफाइल के मुताबिक, संब्याल ने प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेशी प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के साथ भी काम किया। उन्होंने राष्ट्रपति से जुड़े आधिकारिक राजनयिक दौरों के दौरान आठ देशों की यात्राओं में भी जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान उन्हें अलग-अलग संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ काम करने का मौका मिला।
करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद संब्याल के समय से पहले रिटायरमेंट लेने की वजह को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है। रिपोर्ट्स में उनके इंस्टाग्राम लाइव का हवाला देते हुए बताया गया है कि व्यक्तिगत और पारिवारिक कारण उनके इस फैसले के पीछे हो सकते हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि जिंदगी में कुछ परिस्थितियां और अनुभव इंसान की दिशा बदल देते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि फिलहाल शादी करने की उनकी कोई तत्काल योजना नहीं है।
सेना से विदाई, लेकिन सफर यहीं खत्म नहीं
लेफ्टिनेंट से कैप्टन और फिर मेजर तक का सफर तय करने के बाद संब्याल ने सेना को अलविदा कह दिया है। राष्ट्रपति के ADC के तौर पर मिली पहचान ने उनके सैन्य करियर को एक अलग तरह की सार्वजनिक पहचान भी दी।
अब सेना की वर्दी में उनकी तस्वीरें भले ही कम नजर आएं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता और 12 साल के सैन्य अनुभव के बाद आगे की उनकी नई पारी को लेकर लोगों की नजर बनी हुई है।