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'मैं कोडिंग में 45 मिनट क्यों बर्बाद करूं?' इंटरव्यू के दौरान शख्स ने कर दी ChatGPT इस्तेमाल करने की डिमांड

एक नौकरी चाहने वाले शख्स को तब सॉफ्टवेयर डेवलपर की जॉब के लिए रिजेक्ट कर दिया गया, उसने कोडिंग इंटरव्यू के दौरान चैटजीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी। इस घटना ने AI पर निर्भरता और प्रोग्रामिंग स्किल्स को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू कर दी है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Nov 01, 2026 पर 4:28 PM
'मैं कोडिंग में 45 मिनट क्यों बर्बाद करूं?' इंटरव्यू के दौरान शख्स ने कर दी ChatGPT इस्तेमाल करने की डिमांड
इस पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींचा। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर चर्चा की कि क्या उम्मीदवार के सवाल जायज थे या फिर ये AI पर उसकी अत्यधिक निर्भरता को दर्शाते हैं।

एक इंटरव्यू के दौरान AI टूल्स का इस्तेमाल करने की मांग करने पर एक नौकरी चाहने वाले को सॉफ्टवेयर डेवलपर का मौका गंवाना पड़ा। उम्मीदवार कोडिंग असेसमेंट के लिए ChatGPT, Claude या Cursor का इस्तेमाल करने की अनुमति चाहता था। उसका तर्क था कि AI अब रोजमर्रा के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का एक अहम हिस्सा बन चुका है।

यह मामला X (ट्विटर) पर एक वायरल पोस्ट के जरिए सामने आया। इसमें कंपनी की टैलेंट एक्विजिशन टीम की ओर से भेजा गया एक रिजेक्शन ईमेल शेयर किया गया था। पोस्ट का कैप्शन था- "भाई को इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि उसने इंटरव्यू के दौरान AI इस्तेमाल करने की परमिशन मांगी थी।" बताया जा रहा है कि यह ईमेल TechBridge Solutions की तरफ से भेजा गया था।

ईमेल के अनुसार जब इंटरव्यू लेने वाले ने बताया कि कोडिंग राउंड का मकसद उम्मीदवार की समस्या सुलझाने की क्षमता (problem-solving abilities) को परखना है तो उम्मीदवार ने जवाब दिया, "लेकिन असल दुनिया के डेवलपमेंट में अब कोई भी बिना AI के कोड नहीं लिखता।"

बातचीत आगे बढ़ी और उम्मीदवार ने पूछा कि क्या वह कोडिंग असाइनमेंट पूरा करने के लिए AI एजेंट का इस्तेमाल कर सकता है, जबकि वह खुद उस समाधान (solution) को समझा देगा। उसने यह भी सवाल उठाया कि अगर कोई AI टूल 30 सेकंड में जवाब दे सकता है, तो किसी समस्या को खुद सुलझाने में 45 मिनट क्यों बर्बाद किए जाएं?

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