Dog Mask Video: कुत्ते का मास्क पहनकर खंडवा कलेक्ट्रेट पहुंचा फरियादी! कुत्तों की नसबंदी में भ्रष्टाचार का संगीन आरोप, अनोखे प्रोटेस्ट का वीडियो वायरल
Dog Mask Video: मध्य प्रदेश के खंडवा कलेक्ट्रेट में साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान अधिकारी और लोग उस वक्त हैरान रह गए, जब शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के विरोध में एक सख्स कुत्ते का मास्क पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया। सुरक्षाकर्मियों ने शुरू में उनके अजीब पहनावे के कारण उन्हें अंदर जाने से रोका, लेकिन विपक्ष के नेताओं के दखल देने के बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया
Dog Mask Video: मध्य प्रदेश के खंडवा में जनसुनवाई में कुत्ते का मास्क पहनकर एक सख्स कलेक्टर के पास पहुंच गया
Dog Mask Video: मध्य प्रदेश के खंडवा में एक अनोखे विरोध प्रदर्शन में नगर निगम में विपक्ष के नेता दीपक मुल्लू राठौर मंगलवार (18 अगस्त) को जनसुनवाई में एक ऐसे व्यक्ति को लेकर पहुंचे। खास बात यह है कि उस शख्स ने कुत्ते का मुखौटा पहन रखा था। उन्होंने आवारा कुत्तों की नसबंदी प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई। नगर निगम कार्यालय में हुए इस प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के विरोध में सख्स कुत्ते का मास्क पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया। सुरक्षाकर्मियों ने शुरू में उनके अजीब पहनावे के कारण उन्हें अंदर जाने से रोका। लेकिन विपक्ष के नेताओं के दखल देने के बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया
राठौर ने नगर निगम पर कुत्तों की नसबंदी के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए निगम के कोष और आवारा कुत्तों की नसबंदी की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए प्रशासन का ध्यान नसबंदी अभियान में कथित लापरवाही की ओर आकर्षित किया गया है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ गए।
आवारा कुत्तों के नाम पर खर्च पर उठाए सवाल
दीपक राठौर ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर पिछले चार सालों में करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए। लेकिन इसके बावजूद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है।
राठौर ने नगर निगम की ओर से आवारा कुत्तों के नसबंदी अभियान में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर लाखों रुपये वास्तव में कुत्तों की नसबंदी पर खर्च किए गए हैं, तो फिर आवारा कुत्तों की संख्या कम क्यों नहीं हुई? उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले चार वर्षों में खंडवा में 13,225 कुत्ते के काटने के मामले सामने आए हैं। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने नसबंदी अभियान की प्रभावशीलता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
'मामला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, लोगों की सुरक्षा से जुड़ा'
राठौर ने कहा कि आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या सिर्फ एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं है। बल्कि सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर नसबंदी अभियान पर बड़ी रकम खर्च की गई है, तो फिर आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ने की वजह क्या है?
ADM को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग
नगर निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने इस मामले को लेकर अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) काशीराम बड़ोले को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान की वित्तीय और तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में नसबंदी अभियान से जुड़े कई बिंदुओं की जांच की मांग की गई है।
इनमें टेंडर आवंटन प्रक्रिया, नियुक्त एजेंसी की पात्रता, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और जमीन पर नसबंदी किए गए कुत्तों का भौतिक सत्यापन शामिल है। राठौर ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में फर्जी बिलिंग या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
'नसबंदी के नाम पर सरकारी फंड का दुरुपयोग'
राठौर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "अगर नसबंदी के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।" अतिरिक्त कलेक्टर काशीराम बडोले ने पत्रकारों को बताया कि कुछ लोग कुत्ते के मुखौटे पहनकर जनसुनवाई में पहुंचे। इस दौरान आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए जारी धन के कथित दुरुपयोग को लेकर आवेदन दिए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम आयुक्त से जानकारी मांगी गई है। बडोले ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी और तथ्यों का पता लगाया जाएगा। राठौर ने कहा, इस विरोध का मकसद नगर निगम के आवारा कुत्तों के मैनेजमेंट के प्रयासों में कथित वित्तीय गड़बड़ियों को उजागर करना था।"
उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में कुत्तों की नसबंदी (स्टेरिलाइज़ेशन) के लिए नगर निगम द्वारा लगभग 40 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद, आवारा कुत्तों की आबादी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में खंडवा में कुत्ते के काटने के 13,225 मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे नसबंदी अभियान की प्रभावशीलता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
मध्य प्रदेश : खंडवा में आवारा कुत्तों के आतंक से त्रस्त एक व्यक्ति कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनकर ही कलक्ट्रेट में पहुंच गया !! pic.twitter.com/5AK2SXkW3e
मामले पर ADM काशीराम बड़ोले ने शिकायत की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान जो मामला सामने रखा गया है। उसकी पूरी जांच की जाएगी। ADM के मुताबिक, अगर जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो नियमों के तहत जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में कुत्ते का मुखौटा पहनकर किया गया विरोध लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।