Meta Layoffs: फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा में एक बार फिर से छंटनी की खबरें है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला वाकया वायरल हो रहा है। मेटा की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के भीतर के उस खौफनाक माहौल को बयां किया है, जो छंटनी की आधिकारिक घोषणा से ठीक एक रात पहले देखा गया था।
पूर्व कर्मचारी के मुताबिक, वह रात 'कयामत के दिन' जैसी महसूस हो रही थी। नौकरी जाने के डर और अनिश्चितता के बीच दफ्तर में मौजूद कर्मचारी अपने बैगों में ऑफिस के फ्री स्नैक्स- चिप्स, बिस्कुट, गैजेट चार्जर और ड्रिंक्स ठूंस-ठूंस कर भरने लगे थे, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि अगले दिन उन्हें दफ्तर में एंट्री भी नहीं मिलेगी। यह वाकया सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रहा है और लोग टेक इंडस्ट्री में जॉब इनसिक्योरिटी पर लंबी बहस कर रहे हैं।
मेटा में फिर होने वाली है 'महा-छंटनी'?
यह पुराना और चौंकाने वाला किस्सा ऐसे समय में वायरल हुआ है, जब ताजा रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मेटा आगामी 20 मई 2026 को छंटनी के एक और बड़े दौर का ऐलान कर सकती है। इस बार कंपनी में करीब 8000 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में बताई जा रही है।
मेटा की पूर्व कर्मचारी एडेल वू ने एक्स पर लिखा, 'मेटा में मेरे आखिरी साल के दौरान करीब 4-5 बार छंटनी हुई, लेकिन 20 मई को होने वाली यह छंटनी बहुत बड़ी है। मेरे जो दोस्त अभी भी वहां काम कर रहे हैं, वे भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। कुछ लोग तो बस इस उम्मीद में बैठे हैं कि उन्हें निकाल दिया जाए ताकि सेवरेंस पैकेज मिल सके, क्योंकि अब वहां काम करना किसी लाइफलाइन को बचाने जैसी जंग बन गया है।'
'बिजनेस ट्रिप के बीच में ही आ गया पिंक स्लिप'
एडेल की इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर उन टेक टेक-वर्कर्स की कहानियों की बाढ़ आ गई है, जिन्होंने कभी न कभी छंटनी का दंश झेला है। एक यूजर ने कमेंट किया, 'मुझे याद है जब छंटनी होने वाली थी, मैं रात को 3 बजे उठकर सिर्फ अपना ईमेल इनबॉक्स चेक कर रहा था कि कहीं नौकरी जाने का 'ईमेल ऑफ डूम' तो नहीं आ गया।'
एक अन्य यूजर ने दावा किया कि मेटा की पिछली छंटनी के दौरान उसकी टीम के एक सदस्य को तब नौकरी से निकाल दिया गया, जब वह कंपनी के काम से ही 'बिजनेस ट्रिप' पर था। बीच रास्ते में ही उसका ऑफिशियल एक्सेस ब्लॉक कर दिया गया।
मेटा में हो चुकी है भयंकर छंटनी
मेटा ने बड़े पैमाने पर छंटनी की शुरुआत साल 2022 में की थी, जब उसने एक साथ 11,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था। उस वक्त कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग मेटावर्स प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश कर रहे थे, जिससे कंपनी की ग्रोथ धीमी हो गई थी और लागत बढ़ गई थी। इसके बाद से लगातार टेक इंडस्ट्री का फोकस एआई (AI) और ऑटोमेशन की तरफ शिफ्ट हो गया, जिसके चलते मानव श्रम की छंटनी का दौर थमा ही नहीं।
'फ्री स्नैक्स अब मजेदार नहीं लगते...'
लक्जरी ऑफिस, मुफ्त का खाना, गेमिंग जोन और हाई सैलरी के लिए मशहूर बिग टेक कंपनियों की चमक-दमक अब फीकी पड़ने लगी है। जैसा कि इंटरनेट पर एक पूर्व कर्मचारी ने पूरी स्थिति को समेटते हुए लिखा, 'जब से छंटनी का सिलसिला शुरू हुआ है, ऑफिस के उन मुफ्त मिलने वाले स्नैक्स का मजा और आकर्षण पूरी तरह खत्म हो गया है।'