MPSC Paper Leak: गर्लफ्रेंड को पास कराने के लिए एमपीएससी का पेपर कर दिया लीक! इंस्पेक्टर ने खोला राज, एग्जाम रद्द; 6 गिरफ्तार
MPSC Paper Leak: मुंबई पुलिस ने बुधवार (26 अगस्त) को ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-B) परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के तीन अधिकारी भी शामिल हैं। बाद में अदालत ने उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया
MPSC Paper Leak: पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) भर्ती परीक्षा इस साल की शुरुआत में आयोजित की गई थी
MPSC Paper Leak: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) भर्ती परीक्षा से जुड़ा पेपर लीक मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। जांच में पेपर लीक के पीछे कथित तौर पर एक प्रेम कहानी का एंगल सामने आया है। आरोप है कि एक पुलिस इंस्पेक्टर ने अपनी गर्लफ्रेंड को परीक्षा पास कराने के लिए पेपर लीक की। इस मामले में पुलिस ने तीन अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला सामने आने के बाद MPSC ने ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। इसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
यह परीक्षा इस साल की शुरुआत में आयोजित की गई थी। पुलिस की क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान MPSC के असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर विश्वेश्वर दत्तात्रेय नकाते और गोपाल भट्टू मराठे, MPSC के अंडर सेक्रेटरी अभिजीत गणपतराव लेंदवे, प्रवीण दिलीप पाटिल (नंदुरबार में कौटिल्य अकादमी के निदेशक) और दो कथित साजिशकर्ताओं अमृत नामदेव पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल के रूप में की है।
एग्जाम से पहले ही मिल गए पेपर
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर परीक्षा से पहले ही पेपर हासिल कर लिए। उन्हें एक अलग सेट में तैयार किया और लोगों को बांट दिया। यह मामला महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के तहत ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-B) के पदों के लिए 22 मार्च को आयोजित 'ऑफलाइन स्क्रीनिंग' परीक्षा से जुड़ा है। पुलिस ने बताया कि विशेषज्ञों ने सख्त गोपनीयता नियमों के तहत पेपर तैयार किए थे। हालांकि, संदिग्धों ने कथित तौर पर इस गोपनीय प्रक्रिया का उल्लंघन किया। परीक्षा से पहले पेपर हासिल किए। फिर एक 'डुप्लीकेट सेट' बनाया और उन्हें अन्य लोगों को उपलब्ध कराया।
शुरुआती जांच में MPSC परीक्षा प्रक्रिया में गोपनीयता के उल्लंघन की पुष्टि हुई है। क्राइम ब्रांच के प्रॉपर्टी सेल के पुलिस इंस्पेक्टर मंगेश देसाई की शिकायत के आधार पर मंगलवार को FIR दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी छह आरोपियों को यहां एक सत्र अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। परीक्षा में कथित अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच के बाद, MPSC ने संबंधित पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया रद्द करने की घोषणा की थी।
22 मार्च को हुई थी परीक्षा
MPSC ने 22 मार्च 2026 को ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद 12 जून 2026 को नतीजे घोषित किए गए। कुल 506 अभ्यर्थियों में से 488 अभ्यर्थियों का 1 जुलाई से 22 जुलाई तक इंटरव्यू हुआ।
इनमें 485 अभ्यर्थी पात्र पाए गए और तीन अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित किया गया। जांच के दौरान शिकायतें सामने आईं कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही कुछ अभ्यर्थियों तक पेपर या उसके सवाल पहुंच गए थे। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आई प्रेम कहानी
मुंबई क्राइम ब्रांच की डिप्टी कमिश्नर रजतिलक रोशन के नेतृत्व में हुई जांच में कथित पेपर लीक की परतें खुलनी शुरू हुईं। जांच में सामने आया कि मामले में गिरफ्तार गौरव पाटिल का ऋतुजा पाटिल के साथ प्रेम संबंध था। आरोप है कि गौरव ने ऋतुजा को परीक्षा में पास कराने के लिए पेपर हासिल करने की कोशिश की। इसके लिए ऋतुजा समेत कुछ अन्य अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाया गया।
जांच आगे बढ़ी तो गौरव और ऋतुजा के रिश्ते में दरार आ गई। फिर दोनों का ब्रेकअप हो गया। इसके बाद गुस्से में गौरव ने कथित तौर पर MPSC को पेपर लीक की जानकारी दे दी। इस जानकारी के आधार पर आयोग और पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
इंस्पेक्टर से पूछताछ के बाद खुला नेटवर्क
क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान गौरव से पूछताछ की। उसके बयानों और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू की। मामले में ऋतुजा के पिता अमृत नामदेव पाटिल समेत अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर कितने लोगों तक पहुंचा और इस पूरे मामले में किस-किस की भूमिका थी।
कब होगी दोबारा परीक्षा?
पेपर लीक की शिकायतों और जांच में सामने आए तथ्यों के बाद MPSC ने भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा फैसला लेते हुए परीक्षा रद्द कर दी है। आयोग के मुताबिक, जिन उम्मीदवारों ने पहले आवेदन किया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
नई परीक्षा की तारीख जल्द घोषित की जाएगी
इस पूरे मामले ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर तब, जब कथित तौर पर एक अभ्यर्थी को फायदा पहुंचाने के लिए परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचाने का आरोप सामने आया है। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि पेपर लीक की शुरुआत कहां से हुई। साथ ही इसके पीछे पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था।