‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी में दिसंबर आते ही पूरे शहर में क्रिसमस और नए साल की रौनक छा जाती है। हर गली, चौक और हेरिटेज होटल में त्योहार की तैयारी देखने को मिलती है। खासकर मसूरी के प्रतिष्ठित होटलों में ये मौसम शुरू होता है केक मिक्सिंग सेरेमनी से। ये सिर्फ केक बनाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसमें इतिहास, ब्रिटिश परंपरा और सामुदायिक उत्सव का अनोखा मेल देखने को मिलता है। सदीयों से चली आ रही ये परंपरा ब्रिटिश काल में मसूरी के हिल स्टेशनों पर शुरू हुई थी, जहां अधिकारी और उनके परिवार क्रिसमस से पहले इसे अपने घरों और होटलों में आयोजित करते थे।
इस समारोह में ड्राई फ्रूट्स, मसाले और वाइन के साथ केक का मिश्रण तैयार किया जाता है, जो महीनों तक मैरिनेशन के बाद परोसा जाता है। यही परंपरा आज भी मसूरी के बड़े होटल में चलती आ रही है और पर्यटक इसे देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं।
एक महीने की मेरिनेशन प्रक्रिया
मसूरी के प्रतिष्ठित होटलों में केक मिक्सिंग सेरेमनी के लिए एक महीने पहले ही तैयारी शुरू हो जाती है। ड्राई फ्रूट्स, मसाले और ऑर्गेनिक जूस को मिलाकर मैरिनेशन किया जाता है। इस मिश्रण से बने केक और प्लम केक क्रिसमस और नए साल पर होटल में आने वाले मेहमानों को ब्रंच, ईवनिंग डिनर और बेकरी प्रोडक्ट्स में परोसे जाते हैं।
17 वीं सदी से चली आ रही ब्रिटिश परंपरा
ब्रिटेन में पुराने समय में क्रिसमस से पहले प्लम पोरिज या दलिया खाया जाता था। धीरे-धीरे इसमें गेहूं, मक्खन और अंडे डालकर प्लम केक बनाया गया और इसे पारिवारिक आयोजनों में शामिल किया जाने लगा। इसे केक मिक्सिंग सेरेमनी कहा गया।
ब्रिटिश काल में मसूरी जैसे हिल स्टेशनों में ये परंपरा आई। ब्रिटिश अधिकारी और निवासी क्रिसमस से पहले इसे अपने घरों और होटलों में आयोजित करते थे। मसूरी के प्रतिष्ठित होटल जैसे वेलकम होटल द सवॉय में ये परंपरा आज भी 100 साल से अधिक समय से जीवित है।
केक मिक्सिंग का अनोखा तरीका
केक बनाने के लिए किशमिश, खजूर, अंजीर, खुबानी, चेरी, बादाम, अखरोट, काजू जैसे सूखे मेवे और नट्स को मसालों जैसे दालचीनी, जायफल और लौंग के साथ मिलाया जाता है। इसके बाद इसमें रम, व्हिस्की, ब्रैंडी और वाइन डाली जाती है। ये अल्कोहल मिश्रण को संरक्षित करता है और केक को एक खास स्वाद भी देता है।