Namita Thapar: नमाज के स्वास्थ्य लाभ बताने पर नमिता थापर को मिलीं भद्दी गालियां, 'शार्क' ने ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब

Namita Thapar: नमिता थापर ने 'नमाज के स्वास्थ्य लाभ' वाले वीडियो पर पिछले तीन महीनों से मिल रही भद्दी गालियों और ट्रोलिंग के खिलाफ चुप्पी तोड़ते हुए ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी और अपनी मां के प्रति इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा की निंदा की और सवाल उठाया कि योग या हिंदू रीति-रिवाजों पर वीडियो बनाने पर कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई जाती।

अपडेटेड Apr 20, 2026 पर 12:29 PM

बिजनेस रियलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' की जज और एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नमिता थापर अक्सर अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों से वे एक ऐसे मानसिक उत्पीड़न से गुजर रही थीं, जिसने उन्हें अपनी चुप्पी तोड़ने पर मजबूर कर दिया है। नमिता ने सोशल मीडिया पर उन ट्रोलर्स को आड़े हाथों लिया है जो नमाज के स्वास्थ्य लाभों पर आधारित एक वीडियो को लेकर उन्हें और उनके परिवार को निशाना बना रहे थे।

क्या है पूरा मामला?

कुछ महीने पहले नमिता थापर ने एक वीडियो (रील) साझा किया था, जिसमें उन्होंने नमाज (Namaz) पढ़ने के शारीरिक और स्वास्थ्य संबंधी फायदों के बारे में बात की थी। एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल होने के नाते उन्होंने इसे वैज्ञानिक और स्वास्थ्य के नजरिए से पेश किया था। हालांकि, यह वीडियो इंटरनेट के एक वर्ग को रास नहीं आया और इसके बाद नमिता को भयंकर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

"तीन महीने तक मुझे और मेरी मां को दी गईं गालियां"


हाल ही में एक भावुक लेकिन सशक्त वीडियो संदेश जारी करते हुए नमिता ने बताया कि पिछले तीन महीनों से उन्हें सोशल मीडिया पर 'वेश्या' (whore) जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया जा रहा है। उन्होंने दर्द साझा करते हुए कहा कि ट्रोलर्स ने न केवल उन्हें, बल्कि उनकी बुजुर्ग मां को भी नहीं बख्शा और उनके लिए बेहद भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया।

नमिता ने अपने वीडियो में कहा: "पिछले तीन महीनों से लोग मुझे अपशब्द कह रहे हैं और मेरी मां को भी गंदे नामों से पुकार रहे हैं। क्यों? सिर्फ इसलिए क्योंकि मैंने नमाज के स्वास्थ्य लाभों पर एक रील बनाई थी?"

धर्म और निष्पक्षता पर उठाया सवाल

एक गर्वित हिंदू होने के नाते नमिता ने तर्क दिया कि उन्होंने पहले भी कई बार हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों और योग पर वीडियो बनाए हैं। उन्होंने कहा कि जब वे सूर्य नमस्कार या अन्य आसनों के फायदों के बारे में बताती हैं, तब कोई सवाल नहीं उठाता। उन्होंने सवाल किया कि अगर एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के तौर पर वे किसी अन्य अभ्यास की बात करती हैं, तो उसे धर्म से जोड़कर इतनी नफरत क्यों फैलाई जाती है?

नमिता ने 'R for Religion' का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए धर्म का मतलब सम्मान है। उन्होंने महिला अधिकारों की बात करने वाले उन लोगों पर भी कटाक्ष किया जो ऐसी अपमानजनक स्थितियों में चुप्पी साध लेते हैं।

"कर्मा पर है विश्वास"

ट्रोलर्स को चेतावनी देते हुए नमिता ने 'कर्म' (Karma) के सिद्धांत की याद दिलाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ट्रोलिंग से डरने वाली नहीं हैं और चुप रहना कोई बहाना नहीं है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे इस सकारात्मक संदेश को उतना ही वायरल करें जितना कि नफरत फैलाने वाले वीडियो को किया गया था।

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