सिंगापुर में केपीएमजी (KPMG) में हाई पेईंग जॉब छोड़कर मुंबई में आकर नम्रता यादव ने लेखन को अपनाया है। 28 वर्षीय प्रोफेशनल ने एक स्थिर कंसल्टिंग करियर छोड़कर राइटिंग और स्पोकन-वर्ड परफॉर्मेंस पर फोकस करने का फैसला किया हैं। उन्होंने सिंगापुर से मुंबई शिफ्ट होकर वह क्रिएटिव रास्ता अपनाया, जिसे वह लंबे समय से टाल रही थीं। उनका कहना है कि कई वर्षों तक एकेडमिक और प्रोफेशनल अनुभव में जब व्यक्तिगत तौर पर संतुष्टि नहीं मिली जिसके बाद उन्होंने अपना रास्ता बदला। एक मीडिया कंपनी से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह ऐसा जीवन चाहती थीं जिसे वह एंजॉय करें, ना कि ऐसा जिसमें वह सिर्फ वीकेंड का इंतजार करें।
