हर महीने 25 हजार रुपये कमाने वाले दो लोगों की जिंदगी एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं। बड़े शहर में यही सैलरी किराए, खाने, सफर और दूसरे रोजमर्रा के खर्चों में निकल सकती है, जबकि छोटे शहर में कम खर्च के कारण कुछ बचत की गुंजाइश बन सकती है। इसी अंतर को नोएडा में रहने वाले अखंड ने अपने एक इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए सामने रखा। उन्होंने नोएडा की जिंदगी की तुलना अपने गृह शहर बांदा से करते हुए सवाल किया कि क्या बड़े शहरों में मिलने वाले करियर के अवसर वहां रहने की भारी कीमत के सामने वाकई फायदेमंद हैं?
