पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहद नाजुक है, खासकर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर। अक्सर देखा गया है कि गैर-मुस्लिम नाबालिग लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कार्रवाई नहीं होती, और जब वे न्याय की उम्मीद में अदालतों तक जाती हैं, तो उन्हें भी न्याय नहीं मिलता। इसका ताजा उदाहरण 13 वर्षीय ईसाई लड़की मारिया शाहबाज़ का मामला है। मारिया को अपहरण कर जबरन इस्लाम में धर्मांतरण कराया गया और फिर उससे शादी कर दी गई।
