बिहार में गर्मी अब धीरे-धीरे खतरनाक रूप लेती नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 27 अप्रैल से 5 मई के बीच तापमान में और तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होना तय है। इस झुलसा देने वाली गर्मी का असर सिर्फ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीव भी इससे जूझ रहे हैं। खासकर पटना जू में रहने वाले जानवरों को राहत देने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच जानवरों को सुरक्षित और ठंडा माहौल देने के लिए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं। ये कदम इस बात का संकेत हैं कि अब पशु संरक्षण को लेकर भी संवेदनशीलता बढ़ रही है और हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है।
जानवरों के लिए ‘कूल’ इंतजाम
जू प्रशासन ने गर्मी से राहत देने के लिए नाइट हाउस में 17 कूलर और 53 पंखे लगाए हैं। साथ ही 11 एसी भी लगाए गए हैं, ताकि अंदर का तापमान संतुलित रहे। सेल और छतों पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है और जानवरों के शरीर पर भी पानी डाला जा रहा है।
किस जानवर को कैसी सुविधा?
भालू, बाघ, शेर, तेंदुए, लकड़बग्घा, चिम्पांजी और हुलॉक गिबन जैसे जानवरों के लिए कूलर-पंखों का इंतजाम किया गया है। सांपों और मछलियों के घर में एसी लगाए गए हैं। वहीं ऑस्ट्रिच और भालू के बाड़ों में फाउंटेन लगाए गए हैं, जबकि पक्षियों और हिरणों के लिए मिस्ट फॉगर और स्प्रिंकलर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
खाने में भी बदला गया मेन्यू
गर्मी को देखते हुए जानवरों के भोजन में भी बदलाव किया गया है। उन्हें हल्का और ठंडक देने वाला आहार दिया जा रहा है। ग्लूकोज, मल्टीविटामिन और लू से बचाने वाली दवाइयों के साथ इलेक्ट्रॉल पाउडर भी दिया जा रहा है। चिम्पांजी और भालू जैसे जानवरों को तरबूज, खीरा, नारियल पानी और अन्य रसदार फल खिलाए जा रहे हैं।
24 घंटे निगरानी और दर्शकों का भी ख्याल
जू प्रशासन जानवरों की 24 घंटे मॉनिटरिंग कर रहा है। जू के निदेशक हेमंत पाटिल के अनुसार, जानवरों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी SOP लागू की गई है। साथ ही दर्शकों के लिए भी 14 वाटर कूलर और 30 जगहों पर मिट्टी के घड़ों में ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है।
गर्मी से जंग में जुटा जू प्रशासन
भीषण गर्मी के इस दौर में पटना जू ने साबित कर दिया है कि सही योजना और देखभाल से वन्यजीवों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। ये पहल न सिर्फ जानवरों के लिए राहत भरी है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी उदाहरण है।