राजस्थान की सांभर झील से गुजरने वाली इस ऑरेंज वंदे भारत से दिखते हैं अद्भुत नजारे! इसका रूट, फेयर और स्टॉपेज जानिए
राजस्थान की सांभर झील से गुजरती ऑरेंज वंदे भारत एक्सप्रेस का सफर बेहद खास है। ट्रेन की खिड़की से दूर तक फैले सफेद नमक के मैदान, चमकता पानी और सर्दियों में नजर आने वाले फ्लेमिंगो के खूबसूरत नजारे दिखाई देते हैं। अगर आप इस रूट पर सफर की योजना बना रहे हैं, तो जानिए इसका रूट, फेयर और प्रमुख स्टॉपेज
सांभर झील का इलाका सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही खास नहीं है।
राजस्थान की खूबसूरती को अगर ट्रेन की खिड़की से देखना हो, तो सांभर झील से गुजरने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का सफर खास अनुभव हो सकता है। चमकीले ऑरेंज रंग की ट्रेन जब भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील के बीच से गुजरती है, तो बाहर का नजारा किसी पेंटिंग जैसा नजर आता है।
एक तरफ दूर तक फैली सफेद नमक की चादर, दूसरी तरफ झील का चमकता पानी और सर्दियों में नजर आने वाले प्रवासी पक्षी ट्रेन के सफर के दौरान राजस्थान का यह रूप यात्रियों को बेहद आकर्षित करता है। खास बात यह है कि इस खूबसूरत सफर का आनंद लेने के लिए आपको किसी अलग टूर पर जाने की जरूरत नहीं, बल्कि सही समय पर ट्रेन की खिड़की से बाहर देखना ही काफी है।
सांभर झील के बीच से गुजरती है ट्रेन
जयपुर और जोधपुर के बीच रेलवे लाइन सांभर झील के इलाके से होकर गुजरती है। फुलेरा की तरफ से आगे बढ़ने पर झील का विस्तृत नमक क्षेत्र दिखाई देने लगता है। सफेद नमक के मैदानों के बीच से गुजरती नारंगी रंग की वंदे भारत दूर से बेहद खूबसूरत नजर आती है।
सर्दियों के मौसम में सांभर झील पहुंचने वाले फ्लेमिंगो और दूसरे प्रवासी पक्षी इस दृश्य को और खास बना देते हैं। ऐसे में अगर आप इस रूट पर सफर कर रहे हैं, तो विंडो सीट इस यात्रा को और यादगार बना सकती है।
Rajasthan reveals another breathtaking view as the Vande Bharat Express glides through the stunning, colorful expanse of Sambhar Lake. With India’s largest inland salt lake stretching endlessly around it, the vibrant orange train creates a picture-perfect contrast against the shimmering salt landscape.
जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस राजस्थान के कई प्रमुख शहरों को दिल्ली से जोड़ती है। इसका रूट जोधपुर से शुरू होकर मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना और फुलेरा होते हुए जयपुर की तरफ जाता है। इसके बाद ट्रेन गांधीनगर जयपुर, अलवर, रेवाड़ी और गुड़गांव होते हुए दिल्ली कैंट पहुंचती है।
इसके प्रमुख स्टॉपेज हैं:
जोधपुर जंक्शन
मेड़ता रोड जंक्शन
डेगाना जंक्शन
मकराना जंक्शन
फुलेरा जंक्शन
जयपुर जंक्शन
गांधीनगर जयपुर
अलवर जंक्शन
रेवाड़ी
गुड़गांव
दिल्ली कैंट
कब चलती है ये वंदे भारत?
यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन संचालित होती है।
जोधपुर से दिल्ली कैंट: ट्रेन सुबह 5:30 बजे जोधपुर से रवाना होती है और करीब 9:45 बजे जयपुर पहुंचती है। इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली कैंट पहुंचती है।
दिल्ली कैंट से जोधपुर: ट्रेन सुबह 3:10 बजे दिल्ली कैंट से चलती है, करीब 7:05 बजे जयपुर पहुंचती है और लगभग 11:20 बजे जोधपुर पहुंचती है।
यात्रा से पहले उस दिन की लेटेस्ट टाइमिंग रेलवे के आधिकारिक स्रोत से जरूर जांच लें।
कितना है किराया?
वंदे भारत में सफर के लिए मुख्य रूप से AC Chair Car और Executive Chair Car का विकल्प मिलता है। किराया यात्रा की तारीख और लागू शुल्क के हिसाब से बदल सकता है।
AC Chair Car (CC) में जयपुर से जोधपुर का किराया करीब 750 से 900 रुपये और दिल्ली से जोधपुर का किराया करीब 1,400 से 1,600 रुपये तक बताया जाता है।
वहीं Executive Chair Car (EC) में जयपुर से जोधपुर के लिए करीब 1,400 से 1,600 रुपये और दिल्ली से जोधपुर के लिए करीब 2,600 से 2,800 रुपये तक किराया हो सकता है।
फुलेरा के बाद विंडो सीट पर रहें तैयार
अगर आपका मकसद सांभर झील का खूबसूरत नजारा देखना है, तो फुलेरा जंक्शन के आसपास विंडो सीट सबसे काम की साबित हो सकती है। जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ती है, बाहर सफेद नमक के मैदान और पानी का विशाल विस्तार नजर आने लगता है। इस दौरान ट्रेन की रफ्तार और बाहर फैला राजस्थान का अनोखा लैंडस्केप मिलकर सफर को एक अलग अनुभव देते हैं। इसलिए इस रूट पर यात्रा करते समय मोबाइल या कैमरे के साथ-साथ खिड़की से बाहर देखना न भूलें।
सांभर के पास रेलवे का बड़ा प्रोजेक्ट भी
सांभर झील का इलाका सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही खास नहीं है। फुलेरा के पास और गुढ़ा स्टेशन के आसपास भारतीय रेलवे करीब 60 किलोमीटर लंबे ब्रॉड-गेज हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक का विकास कर रहा है। इस ट्रैक पर आधुनिक ट्रेनों का परीक्षण करीब 230 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से किए जाने की योजना है। यानी सांभर का यह इलाका एक तरफ राजस्थान की प्राकृतिक खूबसूरती दिखाता है, तो दूसरी तरफ रेलवे के भविष्य की तकनीक से भी जुड़ रहा है।