राजस्थान के उदयपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रतापनगर क्षेत्र के ढिकली गांव में एक ट्यूबवेल के चेंबर से जहरीले रसल वाइपर सांपों का पूरा परिवार बरामद हुआ। रेस्क्यू टीम को शुरुआत में अंदाजा नहीं था कि अंदर इतना बड़ा समूह मौजूद होगा। जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ा, एक के बाद एक सांप निकलते गए और मौके पर मौजूद लोग हैरानी से देखते रह गए।
खास बात यह रही कि इनमें एक मादा रसल वाइपर के साथ उसके नवजात बच्चे भी शामिल थे। इतने सारे जहरीले सांपों का एक ही स्थान पर मिलना बेहद दुर्लभ माना जाता है। यह घटना न सिर्फ चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि लोगों को वन्यजीवों के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी दे रही है।
एक सूचना ने खोला बड़ा राज
मामले की शुरुआत तब हुई जब गांव में स्थित एक ट्यूबवेल के चेंबर में सांप होने की सूचना वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर को दी गई। सूचना मिलते ही संभागीय अध्यक्ष और वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. चमन सिंह चौहान अपनी टीम के सदस्य लक्ष्मी लाल गमेती के साथ मौके पर पहुंचे।
शुरुआत में टीम को लगा कि चेंबर में केवल एक सांप मौजूद है। लेकिन जैसे-जैसे रेस्क्यू अभियान आगे बढ़ा, अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए।
एक नहीं, निकले 23 जहरीले रसल वाइपर
रेस्क्यू के दौरान टीम ने बेहद सावधानी के साथ चेंबर की जांच की। जांच में पता चला कि वहां एक वयस्क मादा रसल वाइपर अपने 22 नवजात बच्चों के साथ मौजूद थी। इसके बाद टीम ने एक-एक करके सभी सांपों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रसल वाइपर भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिना जाता है। ऐसे में इतने सारे सांपों का एक साथ मिलना किसी बड़े खतरे से कम नहीं था। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया और किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
अंडे नहीं देती यह प्रजाति
डॉ. चमन सिंह चौहान ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि रसल वाइपर की सबसे खास बात यह है कि यह अन्य कई सांपों की तरह अंडे नहीं देता। यह सीधे बच्चों को जन्म देता है। आमतौर पर इस प्रजाति का प्रजनन काल नवंबर के आसपास माना जाता है, जबकि जून और जुलाई के दौरान बच्चों का जन्म होता है।
यही वजह है कि चेंबर में मां के साथ बड़ी संख्या में नवजात बच्चे मौजूद मिले।
सांप दिखे तो खुद पकड़ने की गलती न करें
रेस्क्यू टीम ने लोगों से अपील की है कि अगर घर, खेत या आसपास किसी भी तरह का सांप या वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश बिल्कुल न करें। ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए। प्रशिक्षित लोग ही सुरक्षित तरीके से ऐसे जीवों का रेस्क्यू कर सकते हैं। उदयपुर की यह घटना एक बार फिर बताती है कि बरसात और गर्मी के मौसम में वन्यजीवों के प्रति सतर्क रहना कितना जरूरी है।