क्या आप जानते हैं कि फोटो खिंचवाते समय हम Cheese क्यों कहते हैं? इसकी असल कहानी जान लीजिए

फोटो खिंचवाते समय “say cheese” बोलना आज दुनिया भर में आम हो गया है। शादी हो या फैमिली फोटो, यह शब्द सुनते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। लेकिन इसके पीछे एक दिलचस्प इतिहास है, जो फोटोग्राफी के शुरुआती दौर और लोगों को मुस्कुराने की जरूरत से जुड़ा हुआ है

अपडेटेड May 19, 2026 पर 4:02 PM
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1940 के आसपास “say cheese” का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने लगा।

फोटो खिंचवाते समय “say cheese” या “स्माइल प्लीज” बोलना आज एक आम परंपरा बन चुकी है। शादी, पार्टी, फैमिली गेट-टुगेदर या ट्रैवल फोटोज हर जगह जैसे ही ये शब्द सुनाई देते हैं, लोग अपने आप मुस्कुराने लगते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस साधारण से लगने वाले शब्द के पीछे एक दिलचस्प इतिहास छुपा हुआ है। ये सिर्फ मुस्कान दिलाने का तरीका नहीं, बल्कि फोटोग्राफी के शुरुआती दौर से जुड़ी एक सोच का हिस्सा है, जब कैमरे के सामने लंबे समय तक स्थिर रहना आसान नहीं होता था।

समय के साथ ये शब्द अलग-अलग देशों और संस्कृतियों में फैल गया और फोटो खिंचवाने का एक ग्लोबल ट्रेंड बन गया। आज के डिजिटल दौर में भी, जब कैंडिड फोटोज का चलन बढ़ गया है, तब भी “say cheese” लोगों की मुस्कान का सबसे आसान तरीका बना हुआ है।

Cheese क्यों कहा जाता है?


फोटोग्राफी के जानकारों के अनुसार “cheese” शब्द का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि इसकी आवाज (उच्चारण) में “ee” ध्वनि होती है। ये ध्वनि बोलते ही मुंह थोड़ा फैल जाता है और चेहरे पर एक नैचुरल स्माइल आ जाती है।

यानी कैमरे के सामने खड़े व्यक्ति को मुस्कुराने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती, बस “cheese” बोलना काफी होता है।

पहले के जमाने में स्माइल आसान नहीं थी

पुराने समय में कैमरा तकनीक इतनी एडवांस नहीं थी। फोटो खींचने में काफी समय लगता था, कभी-कभी कई सेकंड या मिनट भी लग जाते थे।

ऐसे में लगातार मुस्कुराना मुश्किल होता था, इसलिए लोग तस्वीरों में गंभीर या सख्त चेहरे के साथ नजर आते थे।

Cheese से पहले क्या कहा जाता था?

इतिहासकार बताते हैं कि “cheese” से पहले भी कुछ अलग-अलग शब्द इस्तेमाल किए जाते थे।

कुछ जगह लोग “prunes” बोलते थे, क्योंकि इससे मुंह छोटा दिखता था और चेहरा सही पोज में आता था। लेकिन समय के साथ “cheese” ज्यादा लोकप्रिय हो गया।

1940 के दशक में बना ग्लोबल ट्रेंड

1940 के आसपास “say cheese” का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने लगा। जब फैमिली फोटोज और स्टूडियो शूट आम हो गए, तब ये शब्द विज्ञापन और फिल्मों के जरिए और ज्यादा फेमस हो गया।

धीरे-धीरे यह दुनिया भर में फोटो खिंचवाने का एक फिक्स तरीका बन गया।

अलग-अलग देशों में अलग-अलग शब्द

हर देश में लोगों ने मुस्कान लाने के लिए अपने-अपने शब्द अपनाए हैं:

  • कोरिया में लोग “kimchi” कहते हैं
  • स्पेन में “patata” (आलू) कहा जाता है
  • भारत में कई जगह लोग “paneer” बोलकर मुस्कुराते हैं

इन सभी शब्दों का मकसद एक ही है, चेहरे पर नैचुरल स्माइल लाना।

आज के दौर में बदल गया ट्रेंड

अब स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के जमाने में लोग ज्यादा कैंडिड फोटोज पसंद करते हैं। फिर भी “say cheese” आज भी उतना ही लोकप्रिय है।

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