पुराना मोबाइल खरीदने से पहले जरूर करें ये काम, नहीं तो हो सकती है कानूनी कार्रवाई
सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदना फायदे का सौदा हो सकता है, लेकिन बिना जांच के लिया गया फोन आपको कानूनी परेशानी में डाल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खरीदने से पहले फोन के IMEI नंबर की जांच जरूर करें। थोड़ी-सी सावधानी आपको भविष्य की बड़ी मुश्किलों से बचा सकती है
आज के समय में सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदना कई लोगों के लिए पैसे बचाने का आसान विकल्प बन गया है। कम कीमत में अच्छा स्मार्टफोन मिलने की चाहत में लोग अक्सर पुराने फोन खरीद लेते हैं, लेकिन छोटी-सी लापरवाही बड़ी कानूनी परेशानी का कारण बन सकती है। इसी को देखते हुए तेलंगाना पुलिस ने पुराने मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री को लेकर लोगों और दुकानदारों के लिए अहम सलाह जारी की है। पुलिस का कहना है कि बिना सही जांच-पड़ताल के खरीदा गया मोबाइल भविष्य में मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
इसलिए सिर्फ कीमत देखकर सौदा करने के बजाय जरूरी दस्तावेजों और मोबाइल की वैधता की जांच करना बेहद जरूरी है। पुलिस का मानना है कि जागरूकता और सतर्कता से मोबाइल चोरी जैसे अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है और आम लोग भी कानूनी परेशानियों से बच सकते हैं।
दुकानदारों को रखने होंगे खरीदार और विक्रेता के पूरे रिकॉर्ड
तमिल 18 की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के पुलिस अधीक्षक महेश पी. गीते ने मोबाइल बिक्री और रिपेयरिंग दुकानदारों के साथ बैठक कर नए दिशा-निर्देश साझा किए। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति पुराना मोबाइल बेचने या एक्सचेंज कराने आए, उससे पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा। दुकानदारों को आधार कार्ड की कॉपी, मोबाइल किसके नाम पर है, कब खरीदा गया था और उसे बेचने की वजह जैसी जानकारी रिकॉर्ड में रखनी होगी।
संदिग्ध सौदा दिखे तो तुरंत करें पुलिस को सूचना
पुलिस का कहना है कि कई बार चोर या ठग बेहद कम कीमत में चोरी या गुम हुए मोबाइल बेचने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में दुकानदारों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को देने की सलाह दी गई है।
पुलिस की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान
पुलिस अधीक्षक ने घोषणा की कि जो मोबाइल दुकानदार चोरी के मोबाइल या मोबाइल चोरों की पहचान कराने में पुलिस की मदद करेंगे, उन्हें जिला पुलिस की ओर से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। उनका कहना है कि आम लोगों और व्यापारियों के सहयोग से ही मोबाइल चोरी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
सेकेंड हैंड फोन खरीदने से पहले जरूर बरतें सावधानी
आजकल सेकेंड हैंड स्मार्टफोन खरीदना आम हो गया है, लेकिन बिना जांच-पड़ताल के ऐसा करना आपको मुश्किल में डाल सकता है। IFSO के डीसीपी विनीत कुमार के अनुसार, पुराना मोबाइल खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि वह चोरी का न हो या किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़ा न हो। अगर फोन का IMEI नंबर किसी अपराध से लिंक मिलता है, तो जांच के दौरान खरीदार को भी कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे करें IMEI नंबर की जांच, मिनटों में चल जाएगा सच
पुराना मोबाइल खरीदने से पहले उसका IMEI नंबर जरूर चेक करें। इसके लिए संचार साथी (CEIR) पोर्टल पर मोबाइल नंबर और OTP के जरिए लॉगिन करें, फिर IMEI नंबर दर्ज करें। अगर नंबर ब्लॉक दिखता है, तो यह संकेत हो सकता है कि फोन चोरी का है।
दूसरा तरीका SMS का है। अपने फोन से KYM लिखें, फिर स्पेस देकर 15 अंकों का IMEI नंबर टाइप करें और 14422 पर भेज दें। अगर IMEI नंबर नहीं पता है, तो फोन में *#06# डायल करके उसे तुरंत देखा जा सकता है।
खरीदने से पहले यह भी जांच लें कि फोन का IMEI नंबर मोबाइल के बॉक्स, बिल और डिवाइस में एक जैसा है या नहीं। अगर नंबर बदला हुआ, डुप्लिकेट, ब्लैकलिस्टेड या पहले से किसी अन्य डिवाइस से जुड़ा दिखे, तो ऐसे फोन को खरीदने से बचना ही बेहतर है।
मोबाइल चोरी हो जाए तो तुरंत करें ये काम
अगर आपका मोबाइल गुम हो जाए या चोरी हो जाए, तो पुलिस ने बिना देरी किए CEIR पोर्टल पर फोन को ब्लॉक करने और नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार, समय रहते शिकायत दर्ज कराने से मोबाइल मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।