सांप की ‘मौसी’ का ये राज नहीं जानते होंगे आप! बिना नर के भी पैदा कर लेती है बच्चे

बिल्ली को शेर की ‘मौसी’ तो आपने सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सांप की भी एक ‘मौसी’ होती है? बभनी या स्किंक नाम का यह जीव दूर से सांप जैसा दिखता है, लेकिन इसके छोटे पैर इसे अलग पहचान देते हैं। दिलचस्प बात है कि यह जहरीला नहीं होता और इंसानों से दूर रहना पसंद करता है

अपडेटेड Sep 01, 2026 पर 3:08 PM
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बभनी और सांप के बीच सबसे दिलचस्प समानता उनका लंबा शरीर है।

बचपन में बिल्ली को शेर की ‘मौसी’ कहते हुए तो आपने कई बार सुना होगा, लेकिन क्या कभी सोचा है कि सांप की भी कोई ‘मौसी’ हो सकती है? सुनने में यह बात थोड़ी अजीब जरूर लगती है, लेकिन प्रकृति में ऐसा एक जीव मौजूद है, जिसे इसी नाम से जाना जाता है। इसका शरीर देखने में सांप जैसा लंबा और चमकदार होता है, लेकिन छोटे-छोटे पैर इसकी पहचान को बिल्कुल अलग बना देते हैं। यही वजह है कि आम बोलचाल में इसे सांप की ‘मौसी’ कहा जाता है। खास बात यह है कि इसे देखकर डरने की जरूरत नहीं होती।

यह जहरीला नहीं होता और आमतौर पर इंसानों से दूर रहना पसंद करता है। भारत में इसकी कई प्रजातियां पाई जाती हैं। इतना ही नहीं, इस छोटे से जीव की प्रजनन क्षमता भी बेहद दिलचस्प है, जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

कौन है सांप की ‘मौसी’?


जिस जीव को सांप की ‘मौसी’ कहा जाता है, उसे आम तौर पर बभनी या स्किंक (Skink) के नाम से जाना जाता है। यह एक तरह का सरीसृप है और देखने में छिपकली जैसा लगता है। इसके शरीर का आकार लंबा और चिकना होता है, जिसकी वजह से पहली नजर में यह सांप जैसा दिखाई दे सकता है। हालांकि, ध्यान से देखने पर इसके छोटे पैर साफ नजर आते हैं।

सांप से मिलती है शक्ल

बभनी और सांप के बीच सबसे दिलचस्प समानता उनका लंबा शरीर है। लेकिन बभनी के छोटे पैर इसकी पहचान को बिल्कुल अलग बना देते हैं। इसी अजीब समानता के कारण इसे बोलचाल में सांप की ‘मौसी’ कह दिया जाता है। हालांकि, ‘सांप की मौसी’ कोई वैज्ञानिक नाम नहीं है, बल्कि आम लोगों के बीच प्रचलित एक उपनाम है।

डरने की जरूरत नहीं, जहरीली नहीं होती

अगर आपको घर या आसपास कहीं बभनी दिखाई दे जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह जीव जहरीला नहीं होता और आमतौर पर इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाता। इसकी त्वचा काफी चिकनी और चमकदार होती है। यह स्वभाव से शर्मीली होती है और खतरा महसूस होने पर अक्सर छिपने की कोशिश करती है।

भारत में मिलती हैं इसकी कई प्रजातियां

बभनी सिर्फ एक ही तरह की नहीं होती। जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) के अनुसार, भारत में इसकी 62 प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इनमें से कई प्रजातियां ऐसी हैं, जो सिर्फ भारत में ही पाई जाती हैं। यही वजह है कि यह छोटा-सा जीव जैव विविधता की नजर से भी काफी खास माना जाता है।

नर के बिना भी बच्चे पैदा कर सकती है मादा

बभनी की सबसे हैरान करने वाली खासियत इसके प्रजनन से जुड़ी है। एक अध्ययन के मुताबिक, मादा बभनी संभोग के बाद स्पर्म को अपने शरीर में लंबे समय तक सुरक्षित रख सकती है। इसका फायदा यह होता है कि उसे तुरंत दोबारा नर के संपर्क में आने की जरूरत नहीं पड़ती। जमा किया गया स्पर्म लंबे समय बाद भी प्रजनन में काम आ सकता है।

एक साल या उससे ज्यादा समय तक रख सकती है स्पर्म

अध्ययन में सामने आया कि कुछ परिस्थितियों में मादा बभनी अपने शरीर में सुरक्षित रखे स्पर्म की मदद से एक साल या उससे ज्यादा समय बाद भी बच्चे पैदा कर सकती है। यानी जिस जीव को लोग सिर्फ सांप जैसी शक्ल और छोटे पैरों की वजह से जानते हैं, उसके अंदर प्रजनन की एक बेहद दिलचस्प क्षमता भी मौजूद है।

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