सांपों को लेकर लोगों के मन में डर, रहस्य और तरह-तरह की कहानियां जुड़ी होती हैं। खासकर गांवों और कस्बों में जब कोई सांप दिखाई देता है, तो डर के मारे लोग तुरंत उसे मारने की कोशिश करते हैं। लेकिन मारने के बाद भी एक बात अक्सर देखने को मिलती है लोग सांप का सिर जरूर कुचलते हैं या फिर उसे मिट्टी में गाड़ देते हैं। ऐसा क्यों किया जाता है? क्या ये कोई पुरानी परंपरा है, अंधविश्वास है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह भी छिपी हुई है?
आमतौर पर लोग ये मानते हैं कि मरे हुए सांप का सिर भी खतरनाक हो सकता है, लेकिन कितनी सच्चाई है इस बात में? क्या सांप मरने के बाद भी काट सकता है? ये जानना जरूरी है क्योंकि ये विषय न सिर्फ जिज्ञासा जगाता है, बल्कि जीवन से जुड़ी एक अहम हकीकत को भी सामने लाता है।
क्यों मारने के बाद कुचला जाता है सांप का सिर?
बहुत से लोगों को लगता है कि ये किसी लोक परंपरा या डर की वजह से किया जाता है, लेकिन असल वजह इससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रजातियों के सांप ऐसे होते हैं जिनका सिर मरने के बाद भी करीब एक घंटे तक एक्टिव रह सकता है। मतलब सांप मर भी जाए तो उसका सिर किसी को काट सकता है और जहर भी छोड़ सकता है।
खतरा टलने के बाद भी बना रहता है जहर का डर
जब सांप मारा जाता है, तब उसका शरीर तो काम करना बंद हो जाता है, लेकिन सिर में मांसपेशियों और न्यूरॉन की सक्रियता बनी रहती है। ऐसे में अगर किसी का पैर गलती से उस सिर पर पड़ जाए, तो वो व्यक्ति अब भी सांप के जहर का शिकार हो सकता है। इसी वजह से ग्रामीण इलाकों में सांप को मारने के बाद उसका सिर दबा दिया जाता है या कुचल दिया जाता है ताकि कोई और खतरे में न पड़े।
सांपों को अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की जरूरत नहीं होती, इसलिए उन्हें दिमाग को जीवित रखने के लिए ज्यादा ऑक्सीजन की आवश्यकता भी नहीं होती। यही कारण है कि जब सांप का सिर धड़ से अलग हो जाता है, तब भी उसमें जान बची रहती है और वो रिफ्लेक्स के जरिए काट सकता है।
इंसानों और सांपों में फर्क
मानव जैसे स्तनधारी प्राणी का अगर सिर कट जाए तो कुछ ही सेकंड में उनकी मृत्यु हो जाती है क्योंकि दिमाग को तुरंत ऑक्सीजन की जरूरत होती है। लेकिन सांपों के मामले में उनका न्यूरोलॉजिकल सिस्टम इतना धीमा और सहनशील होता है कि उनका सिर 45 मिनट से 1 घंटे तक जीवित रह सकता है।
600 से ज्यादा जहरीली प्रजातियां
दुनिया में अब तक करीब 3700 सांपों की प्रजातियों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से लगभग 600 प्रजातियां विषैली हैं। ये सांप इतने खतरनाक होते हैं कि उनका एक मामूली काट भी जानलेवा साबित हो सकता है।