कम सैलरी में भी हासिल किया वो सुकून, जिसके लिए करोड़पति भी तरसते हैं! वायरल हुई इंजीनियर की कहानी

एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट ने नौकरी, बड़ी सैलरी और कामयाबी को लेकर लोगों की सोच बदल दी है। कहानी एक ऐसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर की है, जिसकी कमाई ₹5-6 लाख सालाना है, लेकिन जिंदगी में सुकून है। न महंगे शौक, न दिखावे की चाह और न ही करोड़ों कमाने की दौड़ बस अपने समय पर नियंत्रण

अपडेटेड Aug 23, 2026 पर 10:08 AM
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इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू उसका लाइफस्टाइल है।

अच्छी नौकरी, बड़ा पैकेज और तेजी से बढ़ती सैलरी आज के दौर में इन्हें सफलता की पहचान माना जाता है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कहानी ने इस सोच पर सवाल खड़ा कर दिया है। कहानी एक ऐसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर की है, जिसकी सालाना कमाई करीब ₹5-6 लाख है, लेकिन उसकी जिंदगी में वह चीज मौजूद है जिसे कई ज्यादा कमाने वाले लोग अब भी तलाश रहे हैं सुकून और अपने समय पर नियंत्रण।

कॉलेज के दोस्त से मॉल में हुई अचानक मुलाकात

X पर पूजा नाम की यूजर ने अपने पुराने कॉलेज क्लासमेट की कहानी साझा की। ग्रेजुएशन के करीब 4-5 साल बाद दोनों की अचानक एक मॉल में मुलाकात हुई। बातचीत के बाद पूजा को उसके दोस्त की जिंदगी के बारे में कई ऐसी बातें पता चलीं, जिन्होंने उसे अपनी ही जिंदगी पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया।


वह एक छोटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करता है और करीब ₹5-6 लाख सालाना कमाता है। कागज पर उसका करियर शायद बहुत चमकदार न लगे, लेकिन उसकी जिंदगी काफी व्यवस्थित और संतुलित नजर आती है।

कम कमाई में पहले घर का सपना पूरा किया

उस दोस्त ने कम आय के दौर में ही सरकारी आवास योजना के जरिए अपना घर खरीद लिया था। अब उसका होम लोन अगले साल तक खत्म होने की उम्मीद है। परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में उसकी पत्नी की नौकरी भी अहम भूमिका निभाती है, जो सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। यानी बड़े पैकेज की दौड़ में शामिल होने के बजाय उसने कम जरूरतों के साथ स्थिर जिंदगी बनाने पर ध्यान दिया।

न महंगी कार, न दिखावे की जिंदगी

इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू उसका लाइफस्टाइल है। वह रोजमर्रा के सफर के लिए मुख्य रूप से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करता है। पढ़ने के लिए स्थानीय लाइब्रेरी की सदस्यता ले रखी है और परिवार के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों की किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाता है। जहां आज कई लोग अपनी कमाई बढ़ने के साथ खर्च और इच्छाएं भी बढ़ाते जाते हैं, वहीं उसने अपनी जरूरतों को सीमित रखना चुना।

होम लोन खत्म होते ही नौकरी छोड़ने का प्लान

कहानी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा उसका भविष्य का प्लान है। होम लोन खत्म होने के बाद वह एक छोटी सी स्थानीय किराना दुकान खोलना चाहता है और सॉफ्टवेयर की नौकरी छोड़ने का मन बना चुका है। उसका सपना करोड़ों की संपत्ति बनाना या बड़ी कॉर्पोरेट पोस्ट हासिल करना नहीं है। वह ऐसी जिंदगी चाहता है, जिसमें उसके पास अपने समय पर ज्यादा अधिकार हो।

ज्यादा कमाने के बावजूद पूजा को क्यों हुआ पछतावा?

अपने दोस्त की जिंदगी देखकर पूजा ने अपनी स्थिति की भी तुलना की। उसने बताया कि वह उससे ज्यादा कमाती है, लेकिन कॉर्पोरेट नौकरी के साथ ऑफिस पॉलिटिक्स, मैनेजर, लगातार डेडलाइन और काम के दबाव जैसी परेशानियां भी जुड़ी हैं। यहीं से सवाल उठता है अगर ज्यादा कमाई के बदले लगातार तनाव और समय की कमी मिल रही हो, तो क्या वह जिंदगी वास्तव में ज्यादा समृद्ध है?

असली अमीरी शायद बैंक बैलेंस से आगे है

इस वायरल कहानी ने सोशल मीडिया पर वित्तीय स्वतंत्रता की एक अलग तस्वीर सामने रखी है। जरूरी नहीं कि आर्थिक आजादी का मतलब करोड़ों रुपये की संपत्ति या बड़ा निवेश पोर्टफोलियो ही हो। कई बार कम खर्च, सीमित जरूरतें, कर्ज से मुक्ति और अपने समय पर नियंत्रण भी किसी व्यक्ति को ऐसी आजादी दे सकते हैं, जिसे बड़ी सैलरी के बावजूद हासिल करना मुश्किल होता है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- ‘सुकून भी तो दौलत है’

कहानी सामने आने के बाद कई यूजर्स ने माना कि सफलता का पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। कुछ लोगों ने इसे इस बात की याद दिलाने वाला उदाहरण बताया कि बड़ा वेतन हमेशा बड़ी खुशी की गारंटी नहीं देता। आखिरकार, शायद असली सवाल यह नहीं है कि आप कितना कमाते हैं, बल्कि यह है कि अपनी कमाई के बदले आप कितना सुकून, समय और आजादी बचा पाते हैं।

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