स्टार्टअप का फेल होना कोई नई बात नहीं है। लेकिन, असफल हो चुके स्टार्टअप में फिर से जान फूंकना और कुछ साल बाद उसे करोड़ रुपये में बेच देना, सामान्य बात नहीं है। हम बात कर रहे हैं गोल्फ डॉट कॉम की। न्यूयॉर्क के रहने वाले माइक और कैस लाजेरोव ने इस स्टार्टअप को शुरू किया था, जो साल 2000 में डूब गया। इसके साथ ही माइक और लाजेरोव की जीवन भर की 21 लाख रुपये (करीब 25,000 डॉलर) की सेविंग्स स्वाहा हो गई। दिलचस्प यह है कि दोनों ने इसी कंपनी को 6 साल बाद करीब 209 करोड़ रुपये (2.4 करोड़ डॉलर) में बेचा।
फंड जुटाने में नाकाम रहने पर कंपनी डूब गई
माइक और लाजेरोव ने शादी के कुछ ही समय बाद अपने गोल्फ स्कोर-ट्रैकिंग स्टार्टअप गोल्फ डॉट कॉम को तेजी से बढ़ने वाली ई-कॉमर्स कंपनी Chipshot को बेच दिया। इस डील में कैश और इक्विटी दोनों शामिल थे। लेकिन, फंड जुटाने की कोशिश नाकाम रहने के बाद चिपशॉट बर्बाद हो गई। उसके साथ ही गोल्फ डॉट कॉम भी दिवालिया हो गई। सीएनबीसी मेक ईट ने इस दिलचस्प कहानी के बारे में बताया है। अब 51 साल के हो चुके माइक ने बताया, "हमने कंपनी बेच दी थी। कंपनी में कई एंप्लॉयीज थे, जिन्हें अब सैलरी नहीं मिलने वाली थी।"
दंपति ने नए फंड जुटाए और स्टार्टअप को वापस खरीदा
अब 54 की हो चुकी लाजेरोव ने बताया कि हमने न सिर्फ अपनी सेविंग्स से हाथ धोना पड़ा था बल्कि हमने दोस्त और परिवार भी खो दिए थे। उन्होंने कहा, "सबसे मुश्किल लोगों को यह बताने में आती थी कि हमने अपने पूरे पैसे डूबो दिए।" लेकिन, दोनों ने हार नहीं मानी। फिर से कोशिश करने का फैसला किया। उन्होंने नए फंड जुटाए और 4.3 करोड़ रुपये (5,00,000 लाख डॉलर) में गोल्फ डॉट कॉम को वापस खरीद लिया। लाजेरोव ने कहा, "कुछ ही समय बाद मुझे लगने लगा कि हमें दोबारा कोशिश करनी चाहिए और नई शुरुआत करनी चाहिए।"
टाइम इंक ने 2006 में 209 करोड़ में स्टार्टअप को खरीद लिया
कंपनी को दो साल तक संघर्ष करना पड़ा। एक समय तो इसके एंप्लॉयीज की संख्या घटकर सिर्फ 4 रह गई थी। लेकिन टाइगर वुड्स के 2001 और 2002 में एक के बाद मास्टर्स जीतने से एडवर्टाइजर्स ने गोल्फ में दिलचस्पी दिखानी शुरू की। इससे गोल्फ डॉट कॉम की गाड़ी पटरी पर लौट आई। 2006 में गोल्फ मैग्जीन पब्लिश करने वाली टाइम इंक ने करीब 209 करोड़ रुपये (2.4 करोड़ डॉलर) में गोल्फ डॉट कॉम को खरीद लिया। कंपनी के को फाउंडर्स को करीब 15.7 करोड़ रुपये मिले।
फाउंडर्स परेशानियां से निपटना सीख जाते हैं
लाजेरोव ने बीते दिनों को याद करते हुए बताया कि कंपनी को दोबारा खड़ा करने के पीछे बड़ा कारण यह था कि वह दोबारा ट्रेडिशनल जॉब नहीं करना चाहती थी। वे लोग संघर्ष करने के लिए तैयार थे। पति-पत्नी ने 2012 में अपनी दूसरी कंपनी बड़ी मीडिया करीब 6,508 करोड़ रुपये में बेची। माइक ने कहा कि हम चीजें शुरू करते हैं क्योकि इससे हमारा मकसद पूरा होता है। सबसे अच्छा फाउंडर वह होता है, जो परेशानियों और कष्ट से मोहब्बत करना सीख जाता है।