Unseen Birds: ऐसे रहस्यमय पक्षी जिन्हें आप सुनते तो हैं लेकिन शायद कभी देख नहीं पाते, क्या है इनके ना दिखने की कहानी?

Unseen Birds: जब आप किसी शांत जंगल में होते हैं, तो पेड़ों से आने वाली मीठी और चहचहाने वाली आवाज सुनकर मन आनंदित हो उठता है। लेकिन कई बार कुछ ऐसी भी आवाजें सुनाई देती हैं जो हमने कभी ना सुना हो। ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन से ऐसे पक्षी हैं जिनकी आवाज सुनकर मन एकदम आनंदित हो जाता है ।

अपडेटेड Aug 03, 2025 पर 16:52
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जब आप किसी शांत जंगल में होते हैं, तो पेड़ों से आने वाली मीठी और  चहचहाने वाली आवाज सुनकर मन आनंदित हो उठता है। लेकिन कई बार कुछ ऐसी भी आवाजें सुनाई देती हैं जो हमने कभी ना सुना हो।
जब आप किसी शांत जंगल में होते हैं, तो पेड़ों से आने वाली मीठी और चहचहाने वाली आवाज सुनकर मन आनंदित हो उठता है। लेकिन कई बार कुछ ऐसी भी आवाजें सुनाई देती हैं जो हमने कभी ना सुना हो।

जंगलो में ऐसे कई पक्षी हैं जिनकी आवाज अक्सर हम सुनते हैं, लेकिन कभी-कभी ही देख पाते हैं। इनकी हर आवाज में एक कहानी होती है जो कुछ कहती है और काफी मीठी होती है।

ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन से ऐसे पक्षी हैं जिनकी आवाज सुनकर मन एकदम आनंदित हो जाता है ।

भारत के जंगल सिर्फ रंग-बिरंगे दृश्य नहीं, बल्कि आवाजों का अद्भुत संसार हैं। कई पक्षी की आवाजें सुनहरी होती हैं तो कई फूलों की तरह तेज दिखाई देते हैं। इनके आवाज में एक कहानी छिपी होती है।

जेरडन का कर्सर
पूरब के घाटियों में रहने वाला यह नाइट एक्टिव पक्षी रात में चांदनी में गूजने वाली सीटी जैसे स्वर के लिए मशहूर है। दिन में आसानी से मिला नहीं है और काफी दुर्लभ है। यह एक निशाचर पक्षी है और प्रेटिनकोल और कोर्सर परिवार से संबंधित है।

जंगली उल्लू
1997 में फिर से खोजा गया, यह उल्लू सुबह-शाम ऊंची और तीखी आवाज निकालता है। उसके नीले और उजले रंग के पंख इतने छिपे हुए होते हैं कि दिन में देखना सपनों जैसा मुश्किल होता है।

महान भारतीय बस्टर्ड
गंभीर, भारी और दुर्लभ है यह पक्षी । यह स्थलीय पक्षी रेगिस्तानी मैदानों में गहरी आवाज निकालता हौ जो काफी गूंजती है। राजस्थान और गुजरात के रोमांचक रिजवर्स में इसके गीत सुने जा सकते हैं, पर देखकर पकड़ना लगभग नामुमकिन है।

बुगुन लियोसिचला
अरुणाचल का यह कोमल गीत गाने वाला पक्षी छोटे आकार का होता है लेकिन उसकी आवाज दूर तक गूंजती है। घने जंगलों में छिपा रहता है यह पक्षी और मिलने वाले बर्डवॉचर इसे शायद ही देख पाते हों।

पर्वतीय बटेर


यह पक्षी हमें यह याद दिलाते हैं कि जंगल सिर्फ नजर आने वाली चीजें नहीं होते बल्कि यहां की आवाजें भी एक गहरा छाप छोड़ सकती हैं।

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