Google की 3.3 करोड़ की नौकरी छोड़ी, फिर शुरू किया अपना स्टार्टअप; पिता की मौत बनी जिंदगी बदलने की वजह
इंस्टाग्राम पर अपनी बातचीत का एक वीडियो शेयर करते हुए केविन नॉटन जूनियर ने बताया कि उन्होंने Google छोड़ने का फैसला कब किया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके मन में नौकरी शुरू करने के पहले दिन से ही था। नॉटन जूनियर ने लिखा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का काम करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, असली बदलाव 2022 में आया
कई लोगों के लिए Google में करीब 3.3 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी मिलना किसी सपने के सच होने जैसा है।
कई लोगों के लिए Google में करीब 3.3 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी मिलना किसी सपने के सच होने जैसा है। लेकिन केविन नॉटन जूनियर के लिए यह नौकरी लंबे समय तक करियर का हिस्सा नहीं बन सकी। उनका कहना है कि वह हमेशा से कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपना खुद का काम शुरू करने के बारे में सोचते थे। न्यूयॉर्क में रहने वाले केविन नॉटन जूनियर अब अपना स्टार्टअप चला रहे हैं। उन्होंने हाल ही में Google की नौकरी छोड़ने के अपने फैसले के बारे में बात की। उस समय उनकी सालाना कमाई करीब 3.5 लाख डॉलर यानी लगभग 3.3 करोड़ रुपये थी।
Google में ₹3.3 करोड़ की सैलरी, फिर भी छोड़ी नौकरी
जुगल भट्ट से बातचीत में नॉटन जूनियर ने बताया कि Google ने उन्हें एक अच्छी और आरामदायक '9 से 5' की नौकरी दी थी, लेकिन यह काम उनके असली लक्ष्य से मेल नहीं खाता था। वह कुछ अपना शुरू करना चाहते थे और इसी वजह से उन्होंने इतनी बड़ी सैलरी वाली नौकरी छोड़ने का फैसला किया।
इंस्टाग्राम पर अपनी बातचीत का एक वीडियो शेयर करते हुए केविन नॉटन जूनियर ने बताया कि उन्होंने Google छोड़ने का फैसला कब किया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके मन में नौकरी शुरू करने के पहले दिन से ही था। नॉटन जूनियर ने लिखा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह किसी और के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का काम करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, असली बदलाव 2022 में आया। उन्होंने कहा कि Google उनके लिए सबसे अच्छी '9 से 5' वाली नौकरी थी, लेकिन यह उनका अपना काम नहीं था।
पिता की मौत बनी जिंदगी बदलने की वजह
बातचीत के दौरान जुगल भट्ट ने बताया कि नॉटन जूनियर Google में 3 लाख डॉलर से ज्यादा, यानी करीब 3.5 लाख डॉलर सालाना कमा रहे थे। इसके बाद उन्होंने पूछा कि आखिर उन्होंने नौकरी छोड़ने का मन कब बनाया था। इस पर नॉटन जूनियर ने कहा कि Google छोड़ने का विचार उनके मन में लगभग शुरुआत से ही था। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले दिन से ही पता था कि वह आगे चलकर अपने लिए काम करना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि एक दिन वह Google की नौकरी छोड़ देंगे।
अपना खुद का बॉस बनने की इच्छा केविन नॉटन जूनियर के मन में पहले से थी, लेकिन साल 2022 में हुई एक निजी घटना ने उन्हें अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं के बारे में नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी साल उन्होंने अपने पिता को खो दिया। जुगल भट्ट ने जब उनसे इस बदलाव के बारे में पूछा तो नॉटन जूनियर ने बताया कि पिता की मौत उनके लिए एक बड़ा झटका और सोच बदलने वाला पल था। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इंसान को वही काम करना चाहिए जो वह सच में करना चाहता है और हर दिन खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए।
पिता को खोने के बाद नॉटन जूनियर को यह समझ आया कि भले ही Google ने उन्हें अच्छी सैलरी, शानदार काम का माहौल और एक मजबूत करियर दिया था, लेकिन यह नौकरी उस काम से मेल नहीं खाती थी जिसे वह वास्तव में करना चाहते थे। बातचीत के दौरान जुगल भट्ट ने यह भी बताया कि नॉटन जूनियर Google में 3 लाख डॉलर से ज्यादा, करीब 3.5 लाख डॉलर सालाना कमा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पसंद का काम करने के लिए नौकरी छोड़ने का फैसला किया।
'मुझे पहले दिन से पता था, अपने लिए काम करूंगा'
नॉटन जूनियर ने बताया कि Google छोड़ने का विचार उनके मन में नौकरी के पहले दिन से ही था। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा से पता था कि वह किसी कंपनी के लिए काम करने के बजाय अपना खुद का काम करना चाहते हैं। उनका मानना था कि एक दिन वह नौकरी जरूर छोड़ देंगे। हालांकि, अपना बॉस बनने की इच्छा पहले से थी, लेकिन साल 2022 में हुई एक निजी घटना ने उन्हें अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। जुगल भट्ट ने जब उनसे इस अहम मोड़ के बारे में पूछा तो नॉटन जूनियर ने बताया कि 2022 में उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। पिता की मौत उनके लिए एक बड़ा झटका थी और इस घटना ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि जिंदगी में वही काम करना चाहिए, जिसे वह वास्तव में करना चाहते हैं।
नॉटन जूनियर ने बताया कि साल 2022 में अपने पिता को खोना उनके लिए जिंदगी बदल देने वाला अनुभव था। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ा "वेक-अप कॉल" था। इस घटना के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इंसान को वही काम करना चाहिए, जिसे वह सच में करना चाहता है और हर दिन खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए।पिता को खोने के बाद नॉटन जूनियर को यह साफ हो गया कि सिर्फ अच्छी नौकरी और बड़ी सैलरी ही काफी नहीं है। भले ही Google ने उन्हें शानदार काम का माहौल और अच्छा करियर दिया, लेकिन वह काम उनके असली लक्ष्य से मेल नहीं खाता था।
उन्होंने कहा कि Google उनके लिए सबसे अच्छी '9 से 5' वाली नौकरी हो सकती थी, लेकिन वह वह काम नहीं था जिसे वह हर दिन करना चाहते थे। इसी सोच ने उन्हें आगे चलकर नौकरी छोड़कर अपना खुद का काम शुरू करने का फैसला लेने में मदद की।
नॉटन जूनियर ने यह भी बताया कि अच्छी सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर एंटरप्रेन्योर बनने का उनका सफर कैसे शुरू हुआ। उन्होंने खुद को रिस्क लेने के मामले में काफी सावधान बताया। हालांकि, कई सालों तक नौकरी करने के दौरान उन्होंने इतनी बचत कर ली थी कि उन्हें कुछ समय तक बिना नौकरी के भी आर्थिक परेशानी नहीं होती। उन्होंने बताया कि उनके पास कई सालों तक अपना खर्च चलाने लायक बचत थी। इसी वजह से उन्हें लगा कि वह नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू करने का जोखिम उठा सकते हैं।
आखिरी फैसला लेने में उनके एक करीबी दोस्त की सलाह ने भी बड़ी भूमिका निभाई। नॉटन जूनियर के मुताबिक, दोस्त ने उनसे कहा कि अगर उनके पास करीब तीन साल तक बिना काम किए रहने लायक पैसे हैं, तो उन्हें इस समय का इस्तेमाल गंभीरता से अपना कारोबार शुरू करने में करना चाहिए। दोस्त ने उन्हें यह भी समझाया कि अगर तीन साल में उनका काम सफल नहीं होता है, तो वह दोबारा नौकरी कर सकते हैं। इस सलाह से नॉटन जूनियर का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने Google की नौकरी छोड़कर अपना काम शुरू करने का फैसला किया।