लकड़ी का फर्नीचर रखना है सालों तक नया? मानसून में अपनाएं ये 5 टिप्स

मानसून के मौसम में नमी बढ़ने से लकड़ी के फर्नीचर में दीमक लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। लेकिन इससे बचने के लिए घर में कई घरेलू उपाय दीमक से बचाव में सहायक माने जाते हैं। इसके साथ ही फर्नीचर को सूखा और साफ रखने से उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

अपडेटेड Aug 07, 2026 पर 7:00 AM

बरसात के मौसम में बढ़ी हुई नमी सिर्फ दीवारों और कपड़ों को ही नहीं, बल्कि घर के लकड़ी के फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा सकती है। दरवाजे, अलमारी, बेड और खिड़कियों में दीमक लगने का खतरा इस मौसम में काफी बढ़ जाता है। इसे समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो दीमक लकड़ी को अंदर से खोखला कर सकती है। कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर फर्नीचर को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

 

 


लौंग के तेल का इस्तेमाल (Clove Oil)

दीमक से बचाव के लिए लौंग का तेल एक आसान घरेलू उपाय है। इसके लिए चार से पांच बूंद लौंग का तेल पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। इस मिश्रण का दीमक वाली जगह या लकड़ी के फर्नीचर पर रेगलर छिड़काव करने से दीमक की समस्या धीरे-धीरे कम होने में मदद मिल सकती है।

 

 

कपूर और नारियल तेल (Camphor and Coconut Oil)

नारियल के तेल में कपूर के एक-दो टुकड़े मिलाकर लकड़ी के दरवाजे, अलमारी या बेड पर हल्के हाथों से लगाएं। कपूर की तेज खुशबू दीमक को दूर रखने में मददगार है। साथ ही बरसात के मौसम में घर और फर्नीचर को सूखा रखें और समय-समय पर देखते रहें।

 

 

हल्दी और सरसों के तेल का मिश्रण (Mustard Oil and Turmeric)

सरसों के तेल में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे लकड़ी की सतह पर लगाएं। यह घरेलू उपाय दीमक को दूर रखता है। साथ ही यह लकड़ी की देखभाल करने का भी एक आसान और नेचुरल तरीका माना जाता है।

 

 

नींबू और सिरके का स्प्रे (Lemon and Vinegar Solution)

बराबर मात्रा में नींबू का रस और सिरका मिलाकर स्प्रे तैयार करें। इसे दीमक वाली जगह पर छिड़कने से दीमक पनपने की संभावना कम हो सकती है। इसके अलावा नमक और नींबू के रस का मिश्रण भी प्राकृतिक कीटनाशक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

करेले के रस का छिड़काव (Bitter Gourd Juice)

करेले का रस केवल सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि लकड़ी के फर्नीचर की सुरक्षा के लिए भी उपयोगी है। इसका रस निकालकर दरवाजे, अलमारी या अन्य लकड़ी के सामान पर हल्का छिड़काव करें। ऐसा करने से दीमक लगने का खतरा कम हो सकता है।

 

 

नीम और लहसुन का घोल (Neem and Garlic Solution)

नीम की पत्तियों और लहसुन की कलियों को पीसकर पानी में उबाल लें। ठंडा होने के बाद इस घोल को छानकर स्प्रे बोतल में भर लें और दीमक वाली जगह पर छिड़कें। यह उपाय दीमक को दूर रखने में सहायक है और बरसात के मौसम में फर्नीचर की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

नमी और दरारों पर नजर (Furniture Dry and Check Regularly)

दीमक से बचाव के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खे ही नहीं, बल्कि हर दिन देखभाल भी जरूरी है। घर में नमी जमा न होने दें, लकड़ी के फर्नीचर को समय-समय पर धूप और हवा लगने दें तथा छोटी-छोटी दरारों या नुकसान को तुरंत ठीक करवाएं। इससे दीमक लगने की संभावना कम हो सकती है।

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