जब भी हम मॉल, सिनेमा हॉल, अस्पताल या ऑफिस जैसी जगहों के पब्लिक टॉयलेट में जाते हैं, तो एक दिलचस्प बात हमेशा दिखाई देती है, उनके दरवाजे नीचे से थोड़े खुले रहते हैं। यानी दरवाजा पूरा नीचे तक नहीं होता, बल्कि फर्श से कुछ इंच ऊपर ही खत्म हो जाता है। वहीं, हमारे घरों या होटलों के बाथरूम में दरवाजे ऊपर से नीचे तक पूरे बंद रहते हैं। ऐसे में मन में सवाल आता है कि सार्वजनिक जगहों के टॉयलेट में ही दरवाजे नीचे से आधे क्यों छोड़े जाते हैं? क्या ये सिर्फ डिजाइन का मुद्दा है या इसके पीछे कोई खास कारण होता है?
