UP में एक बार फिर इश्क ने उम्र, रिश्ता, और रीति-रिवाजों की धज्जियां उड़ा दी हैं! इस बार दांव पर लगा है एक पूरा परिवार… और वजह है – “ससुर-बहू की लव स्टोरी”। 55 साल के बुजुर्ग दिलवाले ने साबित कर दिया कि मोहब्बत करने के लिए सिर्फ दिल चाहिए, उम्र नहीं और शायद रिश्ते भी नहीं। पिता जी ने बड़े प्यार से बेटे के लिए लड़की देखी, रिश्ता पक्का करवाया, और फिर... खुद ही बहू को दिल दे बैठे। हद तो तब हुई जब ससुर जी बोले – "बेटा तू बारात की तैयारी कर, मैं बहू को डॉक्टर दिखा लाता हूं।" और फिर? सीधा मोहब्बत का हॉस्पिटल: निकाह!
दरअसल उत्तर प्रदेश के रामपुर से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसे पढ़कर शेक्सपियर भी अपना सिर खुजा ले और बॉलिवुड भी स्क्रिप्ट चुराने आ जाए। मामला कुछ यूं है कि 55 साल के एक फुर्तीले बुजुर्ग ने अपने बेटे के लिए लड़की तय की, लेकिन रिश्ता आगे बढ़ते-बढ़ते “पिता बन गया दूल्हा और बहू बन गई पत्नी!” जी हां, आप सही समझे — बाप ने बेटे की मंगेतर से निकाह कर डाला।
शुरुआत में तो सब कुछ बड़ा ही आदर्श लग रहा था – रिश्ता तय, शादी की तारीख फिक्स, और ससुर जी का ससुराल में लगातार आना-जाना। लेकिन मोहब्बत तो छुपती नहीं जनाब! जिस लड़की को लड़का मन ही मन अपनी सजनी बना चुका था, उस पर तो अब ससुर जी ने “दिल दे दिया है जानम” टाइप वार कर दिया।
फिर क्या था, एक दिन ससुर जी लड़की के घर पहुंचे और बोले, “आपकी बेटी बहुत कमजोर है, डॉक्टर को दिखा लाता हूं।” परिवार वाले भी बोले, “वाह! ऐसा ससुर सबको मिले।” लेकिन दो दिन बीत गए और ससुर-बहू का कोई अतापता नहीं। जब फोन किया गया, तो जवाब मिला, “अस्पताल में भर्ती है, लेकिन सच्चाई ये थी कि वहां कोई इलाज नहीं हो रहा था, बल्कि निकाह पढ़ा जा रहा था!
आठ दिन बाद जब बाप बेटे की मंगेतर को अपनी बीवी बनाकर घर लौटा, तो पूरा घर WWE का रिंग बन गया। बाप-बेटे में लात घूंसे तक चले, मां और नई मां में भी गुत्थम गुत्था हुई, और मोहल्ले वालों ने LIVE मुकाबले का मजा लिया। हालत ये हो गई कि गांव की पंचायत को बुलाना पड़ा। लेकिन पंचायत भी मोहब्बत की ताकत के आगे फेल निकली।
बेटा और मां बोले, “इस प्रेमी जोड़े को गांव से निकालो!” और ससुर जी बोले, “चलो जान, नया घर बसाते हैं।” और फिर ससुर-बहू की जोड़ी गांव छोड़कर शहजादनगर में अपना नया प्यार का घोंसला नेस्ट बना बैठी। अब गांव में लोग कह रहे हैं, “UP में रिश्ते नहीं, रील्स चलते हैं!”