सोशल मीडिया पर नोएडा का बताया जा रहा एक परेशान करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद भारत में खाने की सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। इस क्लिप में कथित तौर पर कुछ कर्मचारियों को बहुत ही गंदी हालत में सोया चाप बनाते हुए दिखाया गया है, जिससे ऑनलाइन लोगों में गुस्सा है और खाने की सुरक्षा के नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग फिर से उठने लगी है।
सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि इसे नोएडा के सेक्टर 27 में सोया चाप बनाने वाली एक दुकान में शूट किया गया था। इसमें फैक्ट्री के कर्मचारी खाने की चीजों को साफ-सफाई के बिना संभालते हुए दिखे। एक बिना शर्ट वाला कर्मचारी सोया चाप के बैच पर लोटता हुआ दिखा, जबकि दूसरे कर्मचारी उसे खींचते हुए नजर आए।
वे उस पर पानी भी डालते रहे, जबकि वह गंदे फर्श पर फैले मिश्रण पर रेंगता रहा। उस फर्श पर वे सभी नंगे पैर चल रहे थे। पीछे एक कर्मचारी बिना किसी साफ-सफाई के नियमों का पालन किए सोया चाप बनाता हुआ दिखा, जबकि बाकी लोग बिना शर्ट वाले उस व्यक्ति को घसीटते रहे।
इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर लोगों को दहला दिया है और कई लोग खाद्य उत्पादन इकाइयों में अपनाई जाने वाली स्वच्छता प्रथाओं पर सवाल उठा रहे हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को टैग करते हुए उनसे मामले की जांच करने और इस तरह के खाद्य तैयारी केंद्रों का कड़ा निरीक्षण करने का आग्रह किया है।
एक उपयोगकर्ता ने लिखा, "भारत में खाद्य सुरक्षा एक मजाक है।" एक अन्य ने कहा, "अरे यार, अब सिर्फ घर की रसोई...बाहर की चीजों का बहिष्कार करो।"एक अन्य ने कमेंट- "मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी सोया चप्स नहीं खाए और न ही कभी खाऊंगा।"
एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, "इस देश में कैसी घटिया मानसिकता वाले लोग हैं!!! छी!" किसी अन्य ने कहा, "लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए इन लोगों को शर्म आनी चाहिए। सच कहूं तो, मुझे बाहर के खाने की बिल्कुल भी इच्छा नहीं होती। मेरा दिल चाहता है कि जो कुछ भी खाया जाए, वह घर पर ही बना और खाया जाए।"
इस बीच, एक व्यक्ति ने तंज कसते हुए कहा, "@fssaiindia कृपया इन मामलों पर ध्यान दें, इन फैक्टरियों को बंद करें और इन कमीनों को उम्रकैद की सज़ा दें।" एक अन्य यूजर ने पूछा-“@fssaiindia कोई जवाबदेही है कि नहीं, भारत से खाद्य उत्पादों जैसे जहरीली चीजों का कब बंद होगा?”
गौरतलब है कि इस घटना की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके अलावा, किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है और न ही यह सत्यापित किया है कि इसे नोएडा के सेक्टर 27 में फिल्माया गया था।