Vande Mataram 150 Years Celebration: देश के राष्ट्रीय गीत को बने 150 साल हुए पूरे, जानें इससे जुड़े 10 बेहद रोचक फैक्ट्स

Vande Mataram 150 Years Celebration: वंदे मातरम हमारे देश का राष्ट्रीय गीत है, जिसे बने हुए 150 साल पूरे हो गए हैं। लेकिन क्या आप जानतें कि ये गीत मूल रूप से किस भाषा में लिखा गया है? या इसे पहली बार कब गाया गया था? अगर नहीं, तो इस तरह के सवालों के जवाब जानने लिए यहां देखें

अपडेटेड Nov 07, 2025 पर 11:38 PM
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प्रसिद्ध बांग्ला उपन्यासकार बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1870 में वंदे मातरम की रचना की थी।

Vande Mataram 150 Years Celebration: वंदे मातरम हमारे देश का राष्ट्रीय गीत है, जो सरकारी समारोहों में अक्सर सुनने को मिलता है। इस गीत को बने हुए 150 साल पूरे हो गए हैं। प्रसिद्ध बांग्ला उपन्यासकार बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1870 में इसकी रचना की थी। यह गीत उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ का भी हिस्सा था। इस गीत ने देश की आजादी के सिपाहियों को इतना प्रेरित किया, कि ये देशभक्ति की अलख जगाने वाला उनका पसंदीदा गीत हो गया और एक नारा भी बन कर उभरा।

हालांकि, देश का राष्ट्रीय गीत होने का खिताब इसे आजादी के बाद ही हासिल हो सका। 24 जनवरी 1950 में ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान घोषित किया गया और ‘वंदे मातरम’ को भारत के राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया। इस गीत से जुड़े कुछ बेहद दिलचस्प फैक्ट हैं, जिनसे बहुत से देशवासी शायद अंजान हों। जैसे इस गीत के केवल दो ही छंद को राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला है। आइए इसके बारे में और रोचक फैक्ट्स जानें

वंदे मातरम से जुड़े 10 सवाल-जवाब

  • यह गीत मूल रूप से संस्कृत और बंगाली के मिश्रण में लिखा गया था।
  • यह बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास ‘आनंदमठ’ (1882 में प्रकाशित) में प्रकाशित हुआ था। इन्हें बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के नाम से भी जाना जाता है।
  • ‘आनंदमठ’ उपन्यास संन्यासी विद्रोह पर आधारित है, जो 18वीं शताब्दी के अंत में हुआ था।
  • ‘वंदे मातरम’ शब्द का शाब्दिक अर्थ है, ‘मैं मां की वंदना करता हूं या मां को नमन।’
  • यह गीत पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1896 के कोलकाता सत्र में गाया गया था।
  • राष्ट्रीय गीत को पहली बार 1907 में रिकॉर्ड किया गया था। इसे पहली बार रिकॉर्ड करने का श्रेय हेम चंद्र बंद्योपाध्याय को जाता है।
  • यह गीत गाने वाले पहले राजनीतिक व्यक्ति प्रसिद्ध कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर थे। उन्होंने 1896 के सत्र में इसे लयबद्ध तरीके से गाया था।
  • भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा 1950 में दिया। इसे 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया।
  • राष्ट्रीय गीत गाने की कोई मानक अवधि नहीं है। लेकिन इसे अक्सर 65 सेकंड (1 मिनट 5 सेकंड) में गाया जाता है।
  • इस गीत की तुलना अक्सर भारत के राष्ट्रगान ‘जन गण मन‘ से की जाती है।

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