2nd Surya Grahan 2026: सूर्य और पृथ्वी के बीच जब चंद्रमा आ जाता है, तब सूर्य ग्रहण लगता है। यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना होती है, जो एक निश्चित अंतराल पर घटती है। देखने वालों के लिए जहां यह एक दिलचस्प नजारा होता है, वहीं वैज्ञानिकों के लिए यह धरती के पर्यावरण और सूरज-चंद्रमा का प्रभाव समझने का जरिया होता है। पिछले साल की तरह इस साल भी दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। इनमें से पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण हो चुका है।
इसके बाद अब लोगों को साल के दूसरे सूर्य ग्रहण का इंतजार है। लोग न सिर्फ इसकी तारीख जानना चाहते हैं, बल्कि वे इसका प्रकार और अवधि के साथ-साथ यह भी जानना चाहते हैं कि इसे कहां-कहां देखा जा सकेगा। हाल के समय में हुए सूर्य ग्रहण भारत में नहीं नजर आए हैं। तो चलिए जानते हैं इस ग्रहण के बारे में सभी जरूरी बातें और इसकी तारीख भी।
12 अगस्त 2026 को लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण
साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, यानी सूर्य एक चमकदार छल्ले की तरह नजर आएगा।
12 अगस्त सूर्य ग्रहण का समय
भारत में नहीं दिखेगा दूसरा सूर्य ग्रहण
यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। यानी पूजा-पाठ या रोजमर्रा के कामों पर कोई रोक नहीं है। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसका जीवन पर इसका चाहे-अनचाहे प्रभाव हो सकते हैं।
यह ग्रहण यूरोप, कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन, आर्कटिक क्षेत्र और रूस के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में रहने वाले लोग इसे लाइव स्ट्रीम के जरिए देख सकते हैं।
ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव
यह ग्रहण कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र में लगेगा। कर्क राशि चंद्रमा की राशि मानी जाती है, जो भावनाओं, परिवार और मन से जुड़ी होती है। ऐसे में इस ग्रहण का असर सबसे ज्यादा भावनात्मक फैसलों, रिश्तों और मानसिक स्थिति पर देखने को मिल सकता है। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि लंबा ग्रहण अक्सर गहरे और लंबे समय तक असर छोड़ता है। यानी इसके प्रभाव कुछ दिनों या हफ्तों तक महसूस हो सकते हैं।