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Snake: 1907 में खोजा गया सांप, अब पटना में जिंदा पकड़ा गया

Snake: बिहार में पहली बार वॉल्स करैत नामक दुर्लभ और खतरनाक सांप की प्रजाति दर्ज की गई है। नेचर एनवायरमेंट एंड वाइल्ड लाइफ सोसाइटी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक ने पटना में इस सांप को रेस्क्यू किया। अब तक यहां केवल कॉमन करैत और बैंडेड करैत पाए जाते थे, लेकिन यह खोज राज्य की जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 25, 2025 पर 12:21 PM
Snake: 1907 में खोजा गया सांप, अब पटना में जिंदा पकड़ा गया
Snake: वॉल्स करैत के दांत इतने छोटे और पतले होते हैं कि डंसने का एहसास तक नहीं होता।

बिहार में वन्यजीव प्रेमियों और सर्प विशेषज्ञों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में पहली बार वॉल्स करैत नामक सांप की दुर्लभ प्रजाति दर्ज की गई है। नेचर एनवायरमेंट एंड वाइल्ड लाइफ सोसाइटी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक ने पटना में इस सांप का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इससे पहले बिहार में करैत प्रजाति के सिर्फ दो प्रकार कॉमन करैत और बैंडेड करैत की मौजूदगी दर्ज थी, लेकिन इस खोज के बाद ये संख्या बढ़कर तीन हो गई है। इस दुर्लभ प्रजाति के मिलने से वैज्ञानिकों में उत्सुकता बढ़ गई है क्योंकि वॉल्स करैत को बेहद असाधारण और खतरनाक सांप माना जाता है।

ये सांप आमतौर पर हिमालय की तराई और पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है। इसके शरीर में न्यूरोटॉक्सिक जहर होता है, जो बेहद कम समय में घातक असर डाल सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार में इसका मिलना यहां के जैव विविधता तंत्र के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।

 30 साल से वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय विशेषज्ञ

अभिषेक पिछले तीन दशकों से सांपों और वन्यजीवों पर काम कर रहे हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (पश्चिम चम्पारण) और उत्तर प्रदेश के कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ सेंचुरी है। वे भारत के चार सबसे जहरीले सांपों और किंग कोबरा जैसी प्रजातियों का भी अध्ययन कर चुके हैं।

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