जब भी हम मॉल में शॉपिंग करने जाते हैं, ऑफिस में काम करते हैं या किसी बड़ी इमारत में एंट्री लेते हैं, तो एक छोटी-सी जरूरत सबको एक जैसी होती है—टॉयलेट की। लेकिन जैसे ही नजर इधर-उधर जाती है, कंफ्यूजन शुरू हो जाता है। कहीं Bathroom लिखा होता है, कहीं Washroom और कहीं Restroom। आमतौर पर लोग इन्हें एक ही मान लेते हैं और बिना सोचे समझे किसी में भी चले जाते हैं। लेकिन असल में इन तीनों शब्दों का मतलब, इस्तेमाल और माहौल एक-दूसरे से अलग होता है। यह फर्क भाषा, संस्कृति और जगह से जुड़ा हुआ है। कई बार गलत जगह गलत दरवाजा खोलना शर्मिंदगी की वजह भी बन सकता है।
