IPS Aparna Kaushik: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में तैनात पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक से जुड़ी एक हालिया घटना ने सार्वजनिक सेवा में कार्यरत महिलाओं को होने वाली ऑनलाइन उत्पीड़न की समस्या पर एक बार फिर से ध्यान खींचा है। यह मामला तब सामने आया जब मिर्जापुर पुलिस ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें एक अपराधी की सफल गिरफ्तारी को दिखाया गया था। हालांकि, पुलिस के काम पर ध्यान खींचने के बजाय इस पोस्ट पर बड़ी संख्या में भद्दे और अपमानजनक कमेंट आने लगे।
इनमें से कई टिप्पणियां वीडियो में नजर आ रही भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की सीनियर अधिकारी अपर्णा कौशिक की शारीरिक बनावट को लेकर किया गया। अपने पेशेवर काम के लिए सराहना मिलने के बजाय कौशिक बड़े पैमाने पर 'बॉडी-शेमिंग' (शारीरिक बनावट पर ताने) और लिंग-भेद वाली टिप्पणियों का शिकार बन गईं। इससे सोशल मीडिया पर लोगों में भारी गुस्सा फैल गया।
कमेंट सेक्शन बंद करना पड़ा
अपमानजनक टिप्पणियों की इस बौछार को रोकने के लिए पुलिस विभाग को आखिरकार इंस्टाग्राम अकाउंट पर कमेंट सेक्शन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस घटना की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर निंदा हो रही है। कई यूजर्स इन अपमानजनक टिप्पणियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले ने साइबरबुलिंग, लिंग-भेद और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जवाबदेही की जरूरत के बारे में भी एक व्यापक बहस छेड़ दी है।
अपर्णा कौशिक भारतीय पुलिस सेवा के 2018 बैच की अधिकारी हैं। वह वर्तमान में मिर्जापुर में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। अपने करियर के दौरान, वह उत्तर प्रदेश में कई अलग-अलग जिम्मेदारियों से जुड़ी रही हैं। इनमें कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों की रोकथाम और जनता के साथ जुड़ाव बढ़ाना शामिल है। पुलिसिंग के प्रति अपने व्यवस्थित दृष्टिकोण के लिए जानी जाने वाली कौशिक ने पुलिस और जनता के बीच तालमेल को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई कई पहलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
NDTV के मुताबिक, पुलिस सेवा में शामिल होने से पहले अपर्णा कौशिक गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में 'बिजनेस एनालिस्ट' के तौर पर काम करती थीं। यहां उन्हें सालाना लगभग 18 लाख रुपये का पैकेज मिलता था। लेकिन एक स्थिर और सुरक्षित करियर होने के बावजूद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया।
कई अहम पदों पर कर चुकी हैं काम
अपने करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वह अमेठी में पुलिस अधीक्षक के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा कासगंज तथा औरैया जैसे जिलों में भी पुलिस अभियानों का नेतृत्व कर चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने लखनऊ में पुलिस उपायुक्त (DCP) के पद पर भी काम किया है। यहां उन्हें अपनी प्रशासनिक क्षमताओं के लिए विशेष पहचान मिली।
रामपुर की रहने वाली हैं कौशिक
मूल रूप से रामपुर की रहने वाली अपर्णा कौशिक का जन्म 7 मार्च, 1991 को हुआ था। बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में होशियार अपर्णा ने अपनी स्कूली शिक्षा दयावती मोदी एकेडमी से पूरी की। वहां 2006 में 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उन्होंने पूरे राज्य में टॉप किया था। इसके बाद उन्होंने जयपुर से उच्च शिक्षा हासिल की। फिर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद से B.Tech. की डिग्री प्राप्त की।
हालांकि, उनका यह सफर चुनौतियों से खाली नहीं था। उनके जन्म से पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी मां प्रीति गौतम ने अकेले ही उनका पालन-पोषण किया। अपर्णा अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देती हैं। उन्होंने उनमें विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की हिम्मत और आत्मनिर्भरता की भावना जगाई।
साल 2018 में उन्होंने एक सादे समारोह में रजत कौशिक से विवाह किया था। उन्होंने जान-बूझकर शादी में होने वाले भारी-भरकम खर्चों से परहेज किया। इस कपल ने शादी में बचाए गए पैसों को महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों को दान कर दिया। उनके इस कदम की लोगों ने काफी सराहना की थी।