होटल की लिफ्ट में क्यों गायब होता है 13वां फ्लोर? जानें इस अजीब परंपरा के पीछे की कहानी
क्या आपने कभी लिफ्ट में 12वें के बाद सीधे 14वां फ्लोर देखा है? कई इमारतों में 13 नंबर वाला फ्लोर जानबूझकर हटा दिया जाता है। इसके पीछे कोई तकनीकी कारण नहीं, बल्कि सदियों पुरानी मान्यताएं और अंधविश्वास जुड़े हैं। आखिर 13 नंबर को अशुभ क्यों माना जाता है और यह परंपरा आज भी क्यों जारी है
अलग-अलग संस्कृतियों में अशुभ माने जाने वाले नंबर भी अलग होते हैं।
कई बार होटल, मॉल या ऊंची इमारतों की लिफ्ट में एक अजीब बात देखने को मिलती है,12वें फ्लोर के बाद सीधे 14वां फ्लोर लिखा होता है। 13वां नंबर आखिर कहां चला जाता है? दरअसल, इसके पीछे कोई इंजीनियरिंग की गलती या सरकारी नियम नहीं, बल्कि सालों पुरानी मान्यताएं और अंधविश्वास जुड़े हैं। दुनिया के कई हिस्सों में 13 नंबर को अशुभ माना जाता है, जिसकी वजह से कई बिल्डिंग मालिक और होटल इसे इस्तेमाल करने से बचते हैं। कुछ जगहों पर 13वें फ्लोर को 14वां नाम दे दिया जाता है, तो कहीं इसे 12A के रूप में दिखाया जाता है।
यह परंपरा इतनी आम हो चुकी है कि आधुनिक इमारतों में भी इसका असर देखने को मिलता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर 13 नंबर को लेकर यह डर शुरू कहां से हुआ और क्यों आज भी लोग इससे बचते हैं?
13 नंबर से डर को कहते हैं 'ट्रिस्काइडेकाफोबिया'
13 नंबर को अशुभ मानने की इस मानसिकता को 'Triskaidekaphobia' कहा जाता है। हालांकि, इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई, इसका कोई एक पक्का कारण नहीं मिलता। इतिहासकारों के अनुसार, यह धारणा धार्मिक कथाओं, पौराणिक कहानियों और लोक मान्यताओं के मेल से धीरे-धीरे बनी।
ईसाई परंपरा से जुड़ी एक बड़ी मान्यता
13 नंबर को दुर्भाग्य से जोड़ने वाली सबसे चर्चित कहानियों में से एक ईसाई परंपरा से आती है। मान्यता है कि जीसस क्राइस्ट की अंतिम सभा (Last Supper) में कुल 13 लोग मौजूद थे जीसस और उनके 12 शिष्य। कहा जाता है कि 13वें व्यक्ति के रूप में मौजूद यहूदा इस्करियोत ने जीसस के साथ विश्वासघात किया, जिसके बाद 13 नंबर को दुर्भाग्य से जोड़कर देखा जाने लगा।
नॉर्स पौराणिक कथाओं में भी मिलता है जिक्र
13 नंबर को अशुभ मानने की एक कहानी नॉर्स मिथोलॉजी से भी जुड़ी है। एक पुरानी कथा के अनुसार, 12 देवताओं की एक दावत में चालाक देवता लोकी बिना बुलाए 13वें मेहमान के रूप में पहुंच गया। कहानी के मुताबिक, इसके बाद हुई घटनाओं में प्रसिद्ध देवता बाल्डर की मृत्यु हो गई। इसी तरह की कई कथाओं ने 13 नंबर की खराब छवि को मजबूत किया।
'Friday the 13th' ने बढ़ाई इस अंधविश्वास की लोकप्रियता
समय के साथ 13 नंबर को लेकर डर लोकप्रिय संस्कृति का हिस्सा बन गया। खासतौर पर Friday the 13th की मान्यता ने इसे दुनियाभर में प्रसिद्ध कर दिया।
1907 में थॉमस डब्ल्यू. लॉसन के उपन्यास Friday, the Thirteenth के बाद यह धारणा और ज्यादा चर्चा में आई। बाद में फिल्मों और टीवी शो ने भी इस अंधविश्वास को लोगों के बीच और लोकप्रिय बना दिया।
क्या वाकई 13वां फ्लोर हटाने का कोई नियम है?
कई लोगों को लगता है कि बिल्डिंग में 13वां फ्लोर नहीं रखने का कोई कानून होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। दुनिया में कहीं भी ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं है जो इमारतों को 13 नंबर का फ्लोर रखने से रोकता हो।
असल वजह यह है कि होटल मालिक और बिल्डर ग्राहकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए 13 नंबर से बचते हैं। कई जगह 13वें फ्लोर को सीधे 14वां नंबर दे दिया जाता है, जबकि कुछ इमारतों में इसे 12A के नाम से भी दिखाया जाता है।
कहां ज्यादा दिखती है यह परंपरा?
13वें फ्लोर को छोड़ने की परंपरा खासतौर पर उत्तरी अमेरिका में ज्यादा देखने को मिलती है। हालांकि, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के कुछ हिस्सों में भी कई इमारतों में ऐसा किया जाता है।
सिर्फ 13 ही नहीं, कई देशों में दूसरे नंबर भी अशुभ माने जाते हैं
अलग-अलग संस्कृतियों में अशुभ माने जाने वाले नंबर भी अलग होते हैं। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया में नंबर 4 से कई लोग बचते हैं क्योंकि इसकी आवाज 'मृत्यु' शब्द से मिलती-जुलती है। वहीं इटली के कई हिस्सों में नंबर 17 को अशुभ माना जाता है। इससे पता चलता है कि शुभ-अशुभ नंबरों की मान्यताएं पूरी तरह संस्कृति और परंपराओं पर निर्भर करती हैं।