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फोन पर ‘हैलो’ ही क्यों? जानिए इस शब्द के पीछे की दिलचस्प वजह

जैसे ही हम किसी को कॉल करते हैं या फोन रिसीव करते हैं, सबसे पहले जुबान पर “हैलो” ही आता है। सामने वाला भी जवाब में यही शब्द दोहराता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पूरी दुनिया में फोन पर बातचीत की शुरुआत इसी एक शब्द से क्यों होती है? इसकी कहानी वाकई दिलचस्प है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 15, 2026 पर 3:09 PM
फोन पर ‘हैलो’ ही क्यों? जानिए इस शब्द के पीछे की दिलचस्प वजह
शुरुआती दिनों में फोन उठाते समय “अहोय” कहा जाता था

आज के दौर में मोबाइल फोन सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दिन की शुरुआत अलार्म से होती है और रात का अंत भी अक्सर किसी कॉल या मैसेज के साथ होता है। कामकाज, पढ़ाई, व्यापार, रिश्ते—हर चीज कहीं न कहीं फोन से जुड़ी हुई है। इतनी भागदौड़ भरी जिंदगी में हम कई बातें बिना सोचे-समझे आदत के तौर पर दोहराते रहते हैं। ऐसी ही एक आदत है कॉल लगाते या उठाते ही “हैलो” कहना। यह शब्द इतना आम हो चुका है कि इसके बिना बातचीत अधूरी सी लगती है।

दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के अलग-अलग देशों और भाषाओं में लोग फोन पर बात शुरू करने के लिए इसी शब्द का इस्तेमाल करते हैं। आखिर यह छोटा सा शब्द कैसे वैश्विक पहचान बन गया, यह जानना अपने आप में रोचक विषय है।

रोमांटिक किस्सा: गर्लफ्रेंड का नाम?

एक दिलचस्प कहानी अक्सर सुनने को मिलती है कि टेलीफोन के आविष्कारक Alexander Graham Bell की गर्लफ्रेंड का नाम “मार्गरेट हैलो” था। कहा जाता है कि बेल फोन पर सबसे पहले उनका नाम लेते थे और वहीं से “हैलो” प्रचलित हो गया। हालांकि, इस कहानी का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं मिलता।

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