आज के दौर में मोबाइल फोन सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दिन की शुरुआत अलार्म से होती है और रात का अंत भी अक्सर किसी कॉल या मैसेज के साथ होता है। कामकाज, पढ़ाई, व्यापार, रिश्ते—हर चीज कहीं न कहीं फोन से जुड़ी हुई है। इतनी भागदौड़ भरी जिंदगी में हम कई बातें बिना सोचे-समझे आदत के तौर पर दोहराते रहते हैं। ऐसी ही एक आदत है कॉल लगाते या उठाते ही “हैलो” कहना। यह शब्द इतना आम हो चुका है कि इसके बिना बातचीत अधूरी सी लगती है।
