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West Asia Crisis: लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री के लिए 60% तक बढ़ी कच्चे माल की लागत, इंपोर्ट ड्यूटी में छूट की मांग

West Asia Crisis: देश के अंदर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए क्रस्ट और फिनिश्ड लेदर के शुल्क-मुक्त आयात की भी मांग की गई है। निर्यातकों ने सरकार से प्रस्तावित FLOAT योजना को जल्द लागू करने की अपील की है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 03, 2026 पर 4:36 PM
West Asia Crisis: लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री के लिए 60% तक बढ़ी कच्चे माल की लागत, इंपोर्ट ड्यूटी में छूट की मांग
लेदर सेक्टर में देश का आयात सालाना आधार पर 4.49 प्रतिशत घटकर 93.8 करोड़ डॉलर रह गया है।

पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल की लागत में 40 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में चमड़ा और जूता उद्योग ने सिंथेटिक लेदर, मेटल एक्सेसरीज, मशीनरी, धागे, सांचे और कुछ केमिकल्स जैसे महत्वपूर्ण कच्चे माल पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) में छूट देने की मांग की है। उद्योग ने हाल ही में इस संबंध में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के समक्ष मामला उठाया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उद्योग के एक अधिकारी का कहना है कि निर्यातकों ने सरकार से प्रस्तावित फ्लोट (FLOAT या फुडवियर एंड लेदर ओरिएंटेड ट्रांसफॉरमेशन) योजना को जल्द लागू करने की अपील की है।

इसमें सभी प्रोडक्ट, कच्चा माल, मशीनरी और अन्य इनपुट शामिल किए जाने का सुझाव है। इसके अलावा देश के अंदर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए क्रस्ट और तैयार चमड़े यानि कि फिनिश्ड लेदर के शुल्क-मुक्त (ड्यूटी फ्री) आयात की भी मांग की गई है।

अधिकारी के मुताबिक, “पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल और अन्य जरूरी मैटेरियल की लागत में 40-60 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। ऐसे में हमने सरकार से सिंथेटिक लेदर, फुटवियर कंपोनेंट्स, मेटल एक्सेसरीज, लेदर व फुटवियर मशीनरी, धागे, सांचे, टो पफ, आईलेट्स, कुछ लेदर केमिकल्स और पैकेजिंग मैटेरियल्स पर आयात शुल्क में छूट देने का अनुरोध किया है।”

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