मित्तल परिवार की हुई राजस्थान रॉयल्स, अदार पूनावाला के साथ ₹15660 करोड़ में खरीदा
मित्तल परिवार ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर राजस्थान रॉयल्स को करीब 15660 करोड़ रुपये में खरीदने का सौदा किया है। डील के बाद 75 प्रतिशत हिस्सेदारी मित्तल परिवार के पास होगी। जानिए बाकी हिस्सेदारी किसके पास रहेगी और पुराने मालिकों का क्या होगा।
डील पूरी होने के बाद मित्तल परिवार के पास करीब 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
भारतीय मूल के ब्रिटिश अरबपति लक्ष्मी एन मित्तल और आदित्य मित्तल ने 3 मई को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने आईपीएल फ्रैंचाइजी राजस्थान रॉयल को खरीदने के लिए एक फाइनल एग्रीमेंट किया है। यह डील सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मालिका अदार पूनावाला के साथ मिलकर मनोज बडाले और उनके कंसोर्टियम से की गई है।
17 मार्च को Moneycontrol ने सबसे पहले खबर दी थी कि मित्तल परिवार अपने स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए राजस्थान रॉयल्स में निवेश करना चाहता है।
किसके पास कितनी हिस्सेदारी रहेगी
डील पूरी होने के बाद मित्तल परिवार के पास करीब 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। वहीं, अदार पूनावाला लगभग 18 प्रतिशत हिस्से के मालिक होंगे। बाकी करीब 7 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों के पास रहेगी, जिसमें मनोज बडाले भी शामिल हैं।
मनोज बडाले टीम से अलग नहीं होंगे। वह टीम के साथ जुड़े रहेंगे और पुराने और नए मैनेजमेंट के बीच कड़ी का काम करेंगे। नए मालिक टीम को आगे बढ़ाने में उनके तजुर्बे का इस्तेमाल करेंगे।
सिर्फ IPL नहीं, ग्लोबल टीम्स भी शामिल
राजस्थान रॉयल्स सिर्फ आईपीएल टीम नहीं है। इसके पास साउथ अफ्रीका की Paarl Royals और कैरिबियन की Barbados Royals टीमें भी हैं। राजस्थान रॉयल पहले सीजन यानी 2008 से ही आईपीएल का हिस्सा है। इसने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वॉर्न की अगुआई में आईपीएल का सबसे पहला इवेंट भी जीता था।
आईपीएल 2026 में भी वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन बदौलत राजस्थान रॉयल्स अच्छा कर रही है। और टॉप 4 में बनी हुई है।
डील की वैल्यू और मंजूरियां
इस डील की कुल वैल्यू करीब 1.65 अरब डॉलर बताई गई है। रुपये में देखें तो करीब 15,660 करोड़। इसमें राजस्थान रॉयल्स के साथ Paarl Royals और Barbados Royals भी शामिल हैं। डील पूरी होने के लिए BCCI, CCI, IPL गवर्निंग काउंसिल और अन्य रेगुलेटरी मंजूरियां जरूरी होंगी। इसे 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है।
डील के बाद लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनिशा मित्तल-भाटिया, अदार पूनावाला और मनोज बडाले टीम के बोर्ड में शामिल होंगे।
मित्तल परिवार ने क्या कहा
लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि उन्हें क्रिकेट से बहुत लगाव है और राजस्थान से उनका गहरा जुड़ाव है। इसलिए राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बनना उनके लिए खास है।
आदित्य मित्तल ने कहा कि IPL दुनिया की सबसे बड़ी लीग्स में से एक बन चुकी है और राजस्थान रॉयल्स इसकी सबसे खास टीमों में है। उन्होंने कहा कि टीम की नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की परंपरा जारी रहेगी। वनिशा मित्तल-भाटिया ने कहा कि उन्हें बचपन से क्रिकेट पसंद है और इस टीम का हिस्सा बनना गर्व की बात है।
अदार पूनावाला और बडाले का बयान
अदार पूनावाला ने कहा कि वह इस निवेश को लेकर उत्साहित हैं और टीम के भविष्य को मजबूत करने में योगदान देंगे। वहीं, मनोज बडाले ने कहा कि राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका सफर खास रहा है और वह टीम के सभी खिलाड़ियों, कोच और फैंस के आभारी हैं।
पहले कौन था रेस में आगे
21 मार्च को यह भी खबर आई थी कि निवेशक काल सोमानी के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम इस डील की रेस में आगे था, लेकिन बाद में यह सौदा पूरा नहीं हो सका।
मित्तल और राजस्थान रॉयल्स की डील में कई बड़े सलाहकार जुड़े थे। इनमें Latham & Watkins, Cyril Amarchand Mangaldas, Trilegal, Goldman Sachs, Deloitte, EY और AZB Partners जैसे नाम शामिल हैं।
कौन हैं लक्ष्मी मित्तल
लक्ष्मी एन मित्तल दुनिया के सबसे बड़े स्टील उद्योगपतियों में गिने जाते हैं और ArcelorMittal के चेयरमैन और सीईओ हैं। राजस्थान के सादुलपुर में जन्मे मित्तल ने अपने बिजनेस करियर की शुरुआत परिवार के स्टील कारोबार से की और बाद में वैश्विक स्तर पर स्टील कंपनियों का अधिग्रहण कर अपना साम्राज्य खड़ा किया।
2006 में Arcelor और Mittal Steel के मर्जर से बनी ArcelorMittal आज दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनियों में शामिल है। मित्तल लंबे समय तक दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में रहे हैं। वह ब्रिटेन के सबसे धनी एशियाई हैं।