टीएलसी के पॉपुलर शो “My Strange Addiction” में एक ऐसी हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इसमें 20 साल की शैनन नाम की महिला की एक बेहद अजीब और खतरनाक आदत दिखाई गई है, जिसे देखकर लोग विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। यह कहानी सिर्फ एक अजीब व्यवहार नहीं, बल्कि एक गंभीर मानसिक और स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा करती है। शैनन की यह आदत धीरे-धीरे शुरू हुई लेकिन समय के साथ इतनी बढ़ गई कि अब वो अपनी जिंदगी को भी खतरे में डाल रही है।
इस घटना ने न सिर्फ उसके परिवार को परेशान किया है, बल्कि डॉक्टरों और विशेषज्ञों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कोई इंसान ऐसी खतरनाक चीज की लत का शिकार कैसे हो सकता है। यही वजह है कि ये कहानी सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आ गई है।
कैसे शुरू हुई ये खतरनाक आदत?
शैनन, जो कनाडा की रहने वाली है, ने करीब एक साल पहले पेट्रोल की गंध से शुरुआत की थी। पहले वो सिर्फ पेट्रोल को सूंघती थी, फिर धीरे-धीरे उंगलियों पर लगे पेट्रोल को चाटने लगी। समय के साथ ये आदत इतनी बढ़ गई कि अब वो रोजाना कई चम्मच पेट्रोल पीने लगी है।
पेट्रोल का ‘टेस्ट’ और अजीब अनुभव
शैनन के मुताबिक पेट्रोल का स्वाद मीठा, खट्टा और जलन वाला होता है। उसे पीते ही शरीर में झुनझुनी और जलन महसूस होती है। हैरानी की बात ये है कि दर्द महसूस होने के बावजूद वो खुद को रोक नहीं पाती।
डिप्रेशन और अकेलेपन से जुड़ी वजह
शैनन का कहना है कि जब वो उदास या अकेली होती है, तो पेट्रोल पीकर उसे राहत मिलती है। धीरे-धीरे ये उसकी “आदत” नहीं बल्कि एक तरह की निर्भरता बन गई है, जिससे वो बाहर नहीं निकल पा रही।
परिवार और डॉक्टर भी परेशान
शैनन का परिवार इस लत से बेहद चिंतित है। कई बार उसे रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह चोरी-छिपे पेट्रोल पी लेती है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ये आदत जानलेवा हो सकती है।
सेहत के लिए कितना खतरनाक है पेट्रोल?
विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल में बेंजीन और टोल्यूइन जैसे जहरीले केमिकल होते हैं, जो शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक हैं। इससे फेफड़े, लीवर, किडनी और दिमाग को गंभीर नुकसान हो सकता है। यहां तक कि कैंसर, नर्व डैमेज और मौत तक का खतरा रहता है।
क्या है इसके पीछे की वजह?
डॉक्टर इसे Pica Disorder से जोड़ते हैं, जिसमें लोग गैर-खाद्य चीजें खाने या पीने की इच्छा महसूस करते हैं। इसके पीछे मानसिक तनाव, डिप्रेशन या पोषण की कमी भी वजह हो सकती है।