Snakes: बरसात के मौसम में सांपों का दिखना काफी आम हो जाता है। भारी बारिश उनके नेचुरल ठिकानों को पानी से भर देती है, जिससे वे सूखी जगह की तलाश में अपने बिल से बाहर निकलते है। यही वजह है कि वे अक्सर इंसानी बस्तियों के करीब आ जाते है, जिससे लोगों के साथ उनके सामना होने की संभावना बढ़ जाती है। भारतीय कीट नियंत्रण कंपनी के दीपक शर्मा ने बरसात के दिनों में दिखने वाले सांपों के बारे में बताया हैं। उन्होंने ऐसे 7 सांप बताए जो बरसात के दिनों में देखने को मिलते है। आइए आपको बताते हैं कौन-कौन से है वो सांप।
बरसात में दिख सकते हैं ये 7 सांप
इंडियन कोबरा (नाग): भारत के सबसे चर्चित सांपों में से एक, इंडियन कोबरा है जो बेहद जहरीला होता है। इसके काटने से तंत्रिका तंत्र और सांस लेने की प्रक्रिया पर गंभीर असर पड़ सकता है। कोबरा का काटना घातक हो सकता है। काटने के तुरंत बाद अगर तुरंत उपचार नहीं कराया जाता है तो इससे जान भी जा सकती है। ये सांप अक्सर खेतों, खुले मैदानों और इंसानी बस्तियों के पास पाए जाते है।
करैत: करैत एशिया के सबसे घातक सांपों में से एक है। इसे खास तौर पर खतरनाक बनाता है कि इसका काटना जो आमतौर पर दर्द रहित होता है, इसलिए लक्षण दिखाई देने तक लोगों को अक्सर पता ही नहीं चलता कि उन्हें काटा गया है। इसका जहर तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे लकवा या सांस लेने में समस्या हो सकती है। करैत आमतौर पर रात में निकलते है और मानसून के मौसम में घरों में घुस सकते है।
रसेल वाइपर: यह सांप जहरीला होता है और छेड़े जाने पर आक्रामक हो जाता है। इसका जहर आंतरिक रक्तस्राव, किडनी को नुकसान और यहां तक कि मौत भी दे सकता है। यह अपनी तेज फुफकार के लिए जाना जाता है और आमतौर पर घास के मैदानों या झाड़ीदार इलाकों में पाया जाता है।
सॉ-स्केल्ड वाइपर: इसके छोटे आकार पर न जाएं, छोटा सॉ-स्केल्ड वाइपर बेहद खतरनाक होता है। इसका जहर रक्तस्राव और गंभीर टिशू क्षति का कारण बन सकता है। यह तेज, चिड़चिड़ा होता है और आमतौर पर सूखे, खुले स्थानों या खेतों में देखा जाता है।
रैट स्नेक (धामन): अक्सर अपने आकार और रूप के कारण कोबरा समझा जाने वाला, रैट स्नेक गैर-जहरीला और पूरी तरह से हानिरहित होता है। वास्तव में यह कीटों की आबादी को नियंत्रित करने में मदद करता है।
ग्रीन वाइन स्नेक (हरा बेलिया): पतला और चमकीले हरे रंग का यह सांप आमतौर पर पेड़ों और झाड़ियों में रहता है। यह अपेक्षाकृत काम जहरीला होता है, और इसका काटना मनुष्यों के लिए खतरनाक नहीं होता है।
चेकर्ड कीलबैक (पानी का सांप): बारिश के बाद तालाबों, झीलों और खेतों के पास अक्सर देखा जाने वाला एक सामान्य पानी का सांप, चेकर्ड कीलबैक जहरीला नहीं होता है। यह मनुष्यों के लिए कोई खतरा नहीं पैदा करता है।
सबसे खतरनाक सांप कौन सा है?
दीपक शर्मा ने बताया कि इन सभी में से कॉमन करैत को सबसे खतरनाक माना जाता है। उन्होंने कहा, 'यह एक दर्द रहित डंक होता है जिसपर अक्सर किसी का ध्यान नहीं जाता है। लेकिन जहर तेजी से काम करता है, जिससे समय पर इलाज न होने पर लकवा और सांस लेने में विफलता हो सकती है।' उन्होंने आगे कहा कि करैत भारत में सांप के काटने से होने वाली मौतों की एक बड़ी संख्या के लिए जिम्मेदार है।
सुरक्षित रहने के लिए क्या कर सकते हैं?
दीपक शर्मा ने इन जहरीले जीवों और उनके जहरीले डंक से सुरक्षित रहने के लिए कुछ आसान सुझाव देते हुए कहा, 'रात में या झाड़ियों के पास नंगे पैर चलने से बचें, यदि आप अंधेरे में घूम रहे हैं तो हमेशा टॉर्च साथ रखें'। उन्होंने कहा अपने आसपास के एरिया को साफ रखना भी जरूरी है, क्योंकि चूहे और अन्य कीट सांपों को आकर्षित करते है। अगर सांप काट ले तो सीधे अस्पताल जाएं। घरेलू उपचार पर भरोसा न करें और न ही जहर चूसने की कोशिश न करें'।