1 महीने में कमाए 8.5 लाख रुपये! पहाड़ों पर वीडियो बनाकर इस युवक ने मचाया तहलका, जानें इनकी कमाई का सीक्रेट

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, लाओजुन माउंटेन में पहले से ही फुल-टाइम वीडियो बनाने वाली टीम मौजूद है। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर इस खास नौकरी के लिए बाहरी क्रिएटर की जरूरत क्यों पड़ी? लाओजुन माउंटेन के एक प्रतिनिधि, जिनका सरनेम झांग है, ने बताया कि वे पहाड़ और उसके नजारों को एक नए नजरिए से दिखाना चाहते थे। उन्होंने क्लाउडस्केप ऑब्जर्वर को "तीसरी आंख" बताया। उनका कहना था कि बाहर से आने वाला क्रिएटर ऐसी चीजें दिखा सकता है, जिन्हें साइट की नियमित टीम अलग नजरिए से देख सकती है

अपडेटेड Aug 19, 2026 पर 4:51 PM
शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर पहाड़ों के बीच काम करना कई लोगों का सपना होता है।

शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर पहाड़ों के बीच काम करना कई लोगों का सपना होता है। चीन के एक युवा का यह सपना सच हो गया। उसे पहाड़ की चोटी पर सिर्फ एक महीने काम करने के लिए करीब 8.5 लाख रुपये मिले। इस नौकरी में न तो ऑफिस की टेबल-कुर्सी थी और न ही रोज भीड़भाड़ में सफर करने की जरूरत। इसके बजाय, उसे बादलों और धुंध से घिरी पहाड़ की चोटी पर रहकर काम करना था। इस अनोखी नौकरी के लिए हजारों लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से एक उम्मीदवार को चुना गया, जिसे 30 दिनों तक पहाड़ों के खूबसूरत नजारों के बीच फुल-टाइम काम करने का मौका मिला। यह नौकरी शहर की आम नौकरियों से बिल्कुल अलग थी और इसी वजह से लोगों के बीच काफी चर्चा में रही।

इस अनोखी नौकरी का हुआ था ऐलान

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के हेनान प्रांत में स्थित लाओजुन माउंटेन सीनिक एरिया ने 8 जुलाई को इस अनोखी नौकरी का ऐलान किया। इस पद का नाम "क्लाउडस्केप ऑब्जर्वर" रखा गया था। इस नौकरी के लिए चुने गए व्यक्ति को 16 जुलाई से 15 अगस्त तक पहाड़ पर रहना था। उसे आसमान में बदलते बादलों और पहाड़ों के खूबसूरत नजारों की वीडियो बनानी थी और रोजाना इन वीडियो को शेयर करना था। इस एक महीने की नौकरी के लिए 60,000 युआन यानी करीब 8.5 लाख रुपये सैलरी तय की गई थी। नौकरी के दौरान रहने की सुविधा भी दी जानी थी।


3500 से ज्यादा लोगों ने किया था अप्लाई

नौकरी का ऑफर सामने आते ही चीन में इसकी चर्चा तेजी से होने लगी। लोगों ने इसे "ड्रीम जॉब" तक कह दिया। खास बात यह रही कि सिर्फ एक हफ्ते में 3,500 से ज्यादा लोगों ने इस नौकरी के लिए आवेदन कर दिया। आवेदकों से कहा गया था कि वे तय हैशटैग के साथ अपने वीडियो जमा करें। सीनिक एरिया ने इन वीडियो का मूल्यांकन उनकी क्वालिटी और लोगों से मिले रिस्पॉन्स के आधार पर किया। इस नौकरी के लिए हेनान के 23 वर्षीय ब्लॉगर ली सिचेन को चुना गया। वह सोशल मीडिया पर xiaozao नाम से कंटेंट बनाते हैं। उन्हें लाओजुन माउंटेन का पहला "क्लाउडस्केप ऑब्जर्वर" बनाया गया।

ली सिचेन के आवेदन वाले वीडियो को लोगों ने काफी पसंद किया। अच्छे रिस्पॉन्स की वजह से वह दूसरे उम्मीदवारों से अलग नजर आए। खास बात यह थी कि इस नौकरी के लिए पेशेवर फोटोग्राफरों ने भी आवेदन किया था, लेकिन ली सिचेन ने अपने वीडियो के दम पर सभी को पीछे छोड़ दिया।

जब ली सिचेन ने इस नौकरी के लिए आवेदन किया था, तब उन्होंने हाल ही में ई-कॉमर्स की पढ़ाई पूरी की थी। सुनने में पहाड़ों पर बादलों के नजारे देखने की नौकरी काफी आसान और आरामदायक लगती है, लेकिन असल में ली का काम काफी मेहनत वाला था। उनका दिन सुबह करीब 5 बजे शुरू हो जाता था। सूरज निकलने से पहले ही वह वीडियो बनाना शुरू कर देते थे और उनका काम सूरज डूबने के बाद तक चलता था। उन्हें पहाड़ों के अलग-अलग हिस्सों और दिन के अलग-अलग समय में ज्यादा से ज्यादा वीडियो फुटेज जुटानी होती थी।

बनाया ऐसे वीडियो

ली ने सीनिक एरिया के ऑनलाइन कंटेंट के लिए बादलों, धुंध, पहाड़ों के खूबसूरत नजारों और लाइट शो की वीडियो बनाई। इस नौकरी के दौरान ली ने कई नई तकनीकी चीजें भी सीखीं। उन्होंने वीडियो शूट और एडिट करना, कलर ग्रेडिंग और ड्रोन उड़ाना सीखा। हालांकि, इस नौकरी का एक मुश्किल हिस्सा भी था। शुरुआत में ली को चिंता रहती थी कि उनके बनाए वीडियो को ऑनलाइन लोगों का कितना अच्छा रिस्पॉन्स मिलेगा। उनके आवेदन वाले वीडियो को पसंद किए जाने के कारण उन्हें नौकरी मिली थी। इसलिए उन पर लगातार ऐसा कंटेंट बनाने का दबाव था, जिसे दर्शक पसंद करें और देखने में दिलचस्पी दिखाएं।

जब मौसम बनी विलेन

मौसम ने भी ली सिचेन के लिए काम को काफी मुश्किल बना दिया था। बादलों को अपने हिसाब से नियंत्रित नहीं किया जा सकता था और कई बार खराब मौसम के कारण वह उन नजारों को शूट नहीं कर पाते थे, जिन्हें वह कैमरे में कैद करना चाहते थे। ली ने खराब मौसम में काम करने के अनुभव को "तकलीफदेह" बताया। इसके बावजूद उन्होंने पूरे 30 दिनों तक लगातार शूटिंग की। जब उनका काम खत्म हुआ तो उन्होंने कहा, "समय बहुत तेजी से बीतता है।" लाओजुन माउंटेन में बिताए इस एक महीने का असर ली की ऑनलाइन पहचान पर भी पड़ा। टूरिस्ट साइट के लिए वीडियो बनाने के साथ-साथ उन्होंने अपने व्लॉग भी शेयर किए। इन व्लॉग में उनकी रोजमर्रा की जिंदगी, पहाड़ पर काम करने का अनुभव और इस दौरान सामने आई मुश्किलों की झलक देखने को मिली।

लाओजुन माउंटेन को बाहरी क्रिएटर की जरूरत क्यों पड़ी?

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, लाओजुन माउंटेन में पहले से ही फुल-टाइम वीडियो बनाने वाली टीम मौजूद है। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर इस खास नौकरी के लिए बाहरी क्रिएटर की जरूरत क्यों पड़ी? लाओजुन माउंटेन के एक प्रतिनिधि, जिनका सरनेम झांग है, ने बताया कि वे पहाड़ और उसके नजारों को एक नए नजरिए से दिखाना चाहते थे। उन्होंने क्लाउडस्केप ऑब्जर्वर को "तीसरी आंख" बताया। उनका कहना था कि बाहर से आने वाला क्रिएटर ऐसी चीजें दिखा सकता है, जिन्हें साइट की नियमित टीम अलग नजरिए से देख सकती है।

प्रतिनिधि ने यह भी बताया कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में क्लाउडस्केप ऑब्जर्वर की नियुक्ति दोबारा की जा सकती है। लाओजुन माउंटेन चीन के मध्य हिस्से में स्थित हेनान प्रांत के लुआनचुआन काउंटी में है। यह पहाड़ अपने खूबसूरत "बादलों के समुद्र" के लिए जाना जाता है। यह चीन के प्रमुख ताओवादी पहाड़ों में भी शामिल है और इसका इतिहास 2,000 साल से ज्यादा पुराना बताया जाता है। लाओजुन माउंटेन का संबंध प्राचीन चीनी दार्शनिक लाओ ज़ू से भी माना जाता है। उन्हें पारंपरिक रूप से ताओवाद का संस्थापक माना जाता है।

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