20 लाख वाली Zomato जॉब के लिए छोड़ी टोरंटो की नौकरी, 16 महीने बाद बताया इस्तीफे का असली कारण

कभी-कभी एक फैसला करियर की पूरी दिशा बदल देता है। गुरुग्राम के एक उद्यमी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक चर्चित जॉब पोस्ट के लिए किया गया आवेदन उन्हें नए अवसरों तक ले गया। कुछ ही महीनों में उन्होंने सुरक्षित नौकरी छोड़ी, नया अनुभव हासिल किया और आखिरकार अपना स्टार्टअप शुरू करने का फैसला लिया

अपडेटेड Jul 25, 2026 पर 1:27 PM
LAT के साथ काम करते हुए हर्षित की दिलचस्पी AI एजेंट्स और वॉयस टेक्नोलॉजी में बढ़ी।

कभी-कभी करियर में लिया गया एक छोटा सा फैसला पूरी जिंदगी की दिशा बदल देता है। गुरुग्राम के उद्यमी हर्षित मुलचंदानी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने Zomato के फाउंडर Deepinder Goyal की एक अनोखी Chief of Staff वैकेंसी के लिए आवेदन किया, जो उस समय काफी चर्चा में रही थी। इस एक मौके ने उन्हें सुरक्षित नौकरी छोड़कर एक बिल्कुल नए सफर पर निकलने का हौसला दिया। हर्षित ने बताया कि इस फैसले के बाद उन्होंने एक नए एयरोस्पेस वेंचर को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई और करीब 16 महीने बाद खुद का स्टार्टअप शुरू करने का फैसला लिया।

उनकी कहानी सिर्फ नौकरी बदलने की नहीं, बल्कि जोखिम उठाने, सीखने और अपने सपनों को पूरा करने की सोच को दर्शाती है। यह सफर दिखाता है कि सही अवसर को पहचानकर उठाया गया कदम कैसे किसी के करियर को नई दिशा दे सकता है।

एक अनोखी नौकरी पोस्ट जिसने मचा दी थी हलचल


नवंबर 2024 में Deepinder Goyal ने Chief of Staff पद के लिए आवेदन मांगे थे। यह नौकरी सामान्य नहीं थी। चुने गए उम्मीदवार को पहले साल कोई सैलरी नहीं मिलनी थी, बल्कि इस अवसर के लिए ₹20 लाख रुपये देने थे।

इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर खूब बहस छेड़ दी। कई लोगों ने इसे अनुचित और विवादित बताया, लेकिन हर्षित मुलचंदानी को इसमें एक अलग तरह का अवसर नजर आया।

उन्होंने कहा कि पोस्ट पढ़ते ही उन्हें लगा कि उन्हें इसके लिए आवेदन करना चाहिए।

200 शब्दों के आवेदन ने बदल दी कहानी

हर्षित ने बताया कि उन्होंने किसी सामान्य नौकरी आवेदन की तरह अपना रिज्यूमे चमकाने की कोशिश नहीं की। इसके बजाय उन्होंने अपनी जिंदगी की सच्ची कहानी करीब 200 शब्दों में लिखी। उन्होंने बताया कि 13 साल की उम्र में पिता को खोने के बाद उन्होंने स्कूल के दिनों में ही पारिवारिक टेक्सटाइल बिजनेस संभालना शुरू कर दिया था। बाद में उन्होंने टोरंटो यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और कनाडा-अमेरिका में करियर प्लेटफॉर्म Opportunest को 14,000 से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाया। उनका मानना था कि उनकी जिंदगी की खासियत यही रही कि उन्होंने हमेशा नई चीजें सीखने और मुश्किल कामों को समझने की कोशिश की।

Deepinder Goyal से मुलाकात ने बदली सोच

दिसंबर 2024 में भारत यात्रा के दौरान हर्षित की मुलाकात Deepinder Goyal से हुई। क्रिसमस के दिन हुई इस मुलाकात को उन्होंने अपनी जिंदगी की सबसे यादगार बातचीत में से एक बताया।

उन्हें उम्मीद थी कि यह एक सामान्य इंटरव्यू होगा, लेकिन करीब एक घंटे तक बिजनेस, महत्वाकांक्षा, जिंदगी और उद्यमिता पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद Goyal ने उन्हें एक ऐसी कंपनी में काम करने का ऑफर दिया, जिसका उस समय न नाम था, न टीम और न ही कोई स्पष्ट बिजनेस मॉडल।

हर्षित ने बताया कि फार्महाउस से निकलने के सिर्फ दो मिनट बाद उन्होंने टोरंटो वाली अपनी नौकरी से इस्तीफा भेज दिया।

शून्य से शुरू हुई LAT Aerospace की यात्रा

बाद में यही अनजान प्रोजेक्ट LAT Aerospace के रूप में सामने आया। हर्षित के मुताबिक शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि टीम के पास कोई तैयार प्लान नहीं था।

उन्हें पहले यह तय करना था कि आखिर बनाना क्या है।

टीम ने पायलट्स, इंजीनियर्स, मैन्युफैक्चरर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से 100 से ज्यादा बातचीत की। कई बार उन्हें लगा कि सही दिशा मिल गई है, लेकिन नए सवाल सामने आने पर उन्हें फिर से शुरुआत करनी पड़ी।

धीरे-धीरे कंपनी की टीम करीब 5 लोगों से बढ़कर 55 सदस्यों तक पहुंच गई।

परफेक्शन से ज्यादा जरूरी है शुरुआत करना

हर्षित ने बताया कि इस सफर से उन्हें दो बड़ी सीख मिलीं

  • Done is better than perfect
  • Progress depends on sequencing uncertainty

उनके अनुसार, तेजी से काम करना, गलतियों से सीखना और बेहतर समाधान के साथ वापस आना ही आगे बढ़ने का तरीका है।

सुरक्षित नौकरी छोड़कर चुना अपना रास्ता

LAT Aerospace में काम करते हुए उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां और सीखने के कई मौके मिले। फिर भी उन्हें महसूस हुआ कि उनका असली लक्ष्य खुद कुछ बनाना है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सीखने के नाम पर शुरुआत को टालते रहना भी एक तरह का बहाना बन सकता है।

अब AI और रियल एस्टेट में नई पारी

LAT के साथ काम करते हुए हर्षित की दिलचस्पी AI एजेंट्स और वॉयस टेक्नोलॉजी में बढ़ी। उन्हें लगा कि Conversational AI कई इंडस्ट्री को बदल सकता है, खासकर रियल एस्टेट सेक्टर को। इसी सोच के साथ उन्होंने Homeie नाम से AI आधारित PropTech स्टार्टअप शुरू किया है। उनका लक्ष्य ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है जो घर खोजने से लेकर शिफ्टिंग, पेमेंट, मेंटेनेंस और भविष्य की रिलोकेशन तक पूरी रेजिडेंट जर्नी को आसान बना सके।

सोशल मीडिया पर मिली जमकर तारीफ

हर्षित की पोस्ट पर कई लोगों ने उनकी कहानी की तारीफ की। यूजर्स ने उन्हें नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके जोखिम लेने के फैसले को सराहा। कई लोगों का कहना था कि एक अलग मौके को पहचानना और उस पर भरोसा करना ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी।

15 लाख रुपये सालाना ऑफर को बताया 'शर्मनाक', 5 साल अनुभवी टेक्नीशियन की पोस्ट वायरल

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।