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Tahawwur Rana Extradition: तहव्वुर राणा को जल्द लाया जा सकता है भारत, जांच एजेंसियों ने अमेरिका में डाला डेरा

Tahawwur Rana Extradition: मुंबई 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को अब कभी भी भारत लाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार अमेरिका से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और राणा को भारत में लाकर एनआईए की हिरासत में सौंपा जाएगा। उसने भारत में अपने प्रत्यर्पण पर रोक लगाने के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, हालांकि, अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 09, 2025 पर 10:36 AM
Tahawwur Rana Extradition: तहव्वुर राणा को जल्द लाया जा सकता है भारत, जांच एजेंसियों ने अमेरिका में डाला डेरा
Tahawwur Rana Extradition: तहव्वुर राणा को भारत लाने के लिए अमेरिका में कई भारतीय एजेंसियां मौजूद हैं।

26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को जल्द से जल्द भारत लाया जा सकता है। इस मामले में भारत को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। दरअसल, राणा ने भारत में अपने प्रत्यर्पण पर रोक लगाने के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की था। जिसे अदालत ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया है। ऐसे में राणा को भारत आने के सिवाय कोई चारा बचने की उम्मीद नहीं है। वहीं राणा के प्रत्यर्पण के लिए कई भारतीय जांच एजेंसियों की टीमें इस समय अमेरिका में मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि भारत लाने की प्रकिया में एजेंसियां जुटी हुई हैं।

बता दें कि तहव्वुर राणा पर साल 2008 में हुए मुंबई हमले में शामिल होने का आरोप है। इस आतंकी हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी। लंबे समय से भारत उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बात की सबसे ज्यादा संभावना है कि तहव्वुर राणा को जल्द से भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है।

हेडली का साथी है राणा

तहव्वुर हुसैन राणा आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड में से पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली का भी खास साथी माना जाता है। हमलों से पहले तहव्वुर और हेडली में कई बार मीटिंग हुई थी। डेविड कोलमैन हेडली ने अपने बयान में अमेरिकी जांच एजेंसियों के सामने तहव्वुर का नाम लिया था। डेविड कोलमैन हेडली ने मुंबई आतंकी हमले से पहले मायानगरी का दौरा किया था। इतना ही नहीं हेडली ने मुंबई के ताज होटल, चबाड हाउस, लियोपोल्ड कैफे समेत कई अहम जगहों की रेकी भी की थी। इसके बाद आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के आतंकियों ने मुंबई में आतंक की गोलियां बरसाईं थी। इस हमले में 166 लोगों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में पता चला था कि राणा ने हमले में मारे गए लोगों की संख्या पर खुशी जताई थी। इसके साथ ही कहा था कि इस हमले में शामिल आतंकियों को पाकिस्तान का सबसे बड़ा सैन्य सम्मान मिलना चाहिए।

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