Greenland: सेना की मदद से ग्रीनलैंड पर कब्जा कर सकते है ट्रंप! व्हाइट हाउस के लेटेस्ट बयान से यूरोपीय देशों में मचा हड़कंप

US Acquire Greenland: एक सवाल के जवाब के दौरान व्हाइट हाउस ने ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप प्रशासन की मंशा स्पष्ट की। प्रशासन का मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र में विरोधियों खासकर रूस और चीन को रोकने के लिए ग्रीनलैंड पर नियंत्रण जरूरी है

अपडेटेड Jan 07, 2026 पर 9:35 AM
Story continues below Advertisement
जलवायु परिवर्तन के कारण पिघलती बर्फ ने ग्रीनलैंड में नए शिपिंग रूट और प्राकृतिक संसाधनों खनिज और तेल तक पहुंच आसान बना दी है, जिस पर अमेरिका की नजर है

Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दुनिया को चौंकाते हुए ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की अपनी योजना को तेज कर दिया है। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को एक बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड का अधिग्रहण अमेरिका की 'राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता' है और इसके लिए सैन्य शक्ति का उपयोग करने का विकल्प भी खुला है। इस बयान के बाद यूरोप के शीर्ष नेताओं ने एकजुट होकर अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

'सेना का विकल्प हमेशा खुला': व्हाइट हाउस

व्हाइट हाउस ने रॉयटर्स के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप प्रशासन की मंशा स्पष्ट की। प्रशासन का मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र में विरोधियों खासकर रूस और चीन को रोकने के लिए ग्रीनलैंड पर नियंत्रण जरूरी है। बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति कई विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं और 'कमांडर-इन-चीफ के पास अमेरिकी सेना का उपयोग करने का विकल्प हमेशा उपलब्ध रहता है।' जलवायु परिवर्तन के कारण पिघलती बर्फ ने ग्रीनलैंड में नए शिपिंग रूट और प्राकृतिक संसाधनों खनिज और तेल तक पहुंच आसान बना दी है, जिस पर अमेरिका की नजर है।


'बिकाऊ नहीं है ग्रीनलैंड: यूरोप

ट्रंप के इस दावे के बाद यूरोपीय देशों ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इटली, पोलैंड और स्पेन के साथ मिलकर एक साझा बयान जारी किया। नेताओं ने स्पष्ट कहा, 'ग्रीनलैंड वहां के लोगों का है। इस पर निर्णय लेने का अधिकार केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड को है।'

पेरिस में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की मौजूदगी में ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर ने दोहराया कि डेनमार्क के प्रति ब्रिटेन का समर्थन अटूट है।

आखिर ग्रीनलैंड क्यों है इतना खास?

ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है, जो डेनमार्क के अंतर्गत एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। लगभग 21.6 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला यह द्वीप संसाधनों से समृद्ध है। यहां की जनसंख्या मात्र 56,000 है, जिनमें से 90% इनुइट मूल के लोग हैं। अमेरिका का यहां पहले से ही एक बड़ा सैन्य अड्डा मौजूद है। ट्रंप का मानना है कि खरीद के जरिए अमेरिका अपनी सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतों को हमेशा के लिए सुरक्षित कर सकता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।