IRGC Warns Israel & US: ईरान में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त ऑपरेशन में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। उनकी मौत के आधिकारिक पुष्टि के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध की आग और भड़क गई है। ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य शाखा, 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने इजरायल और अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वह बहुत जल्द 'इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य हमला' शुरू करने वाला है। ईरान सरकार ने इस हमले को 'महाअपराध' बताते हुए कहा है कि इसका जवाब ऐसा होगा जो इस्लामी दुनिया के इतिहास का एक नया पन्ना लिखेगा।
तेहरान में भयंकर तबाही, सैटेलाइट तस्वीरों ने बयां किया मंजर
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई पर हमला शनिवार तड़के तेहरान स्थित उनके दफ्तर और आवास पर हुआ। एयरबस की सैटेलाइट तस्वीरों में खामेनेई के परिसर से काला धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है। यह परिसर तेहरान यूनिवर्सिटी के पास स्थित है, जिसे ईरान के सभी बड़े फैसलों का केंद्र माना जाता है। तस्वीरों से साफ है कि हमले में परिसर की कई इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई उस वक्त अपने दफ्तर में ही मौजूद थे।
युद्ध के बीच आम नागरिक भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि एक हवाई हमले में दक्षिण ईरान के एक प्राथमिक स्कूल में दर्जनों छात्रों की मौत हो गई है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इन घटनाक्रमों को मध्य पूर्व के लिए एक 'ऐतिहासिक मोड़' बताया है और वैश्विक नेताओं पर क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
'सत्ता परिवर्तन तक जारी रहेगी बमबारी'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान की पुष्टि करते हुए इसे और तेज करने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी ऑपरेशन पूरे हफ्ते जारी रहेगा और इसका अंतिम लक्ष्य तेहरान की सरकार को उखाड़ फेंकना है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना ने फिलहाल अपने किसी सैनिक के हताहत होने से इनकार किया है।
IRGC ने किया इंतकाम लेने का ऐलान
ईरान की 'सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल' (SNSC) ने कहा है कि इस हमले के बाद अब 'दुनिया के अत्याचारियों' के खिलाफ एक व्यापक जन-विद्रोह शुरू होगा। IRGC ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके निशाने पर अब 'इजरायल की अधिकृत भूमि' और 'अमेरिकी आतंकियों के ठिकाने' हैं। 1989 से ईरान की सत्ता संभालने वाले खामेनेई के जाने के बाद, अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम और इस संभावित भीषण युद्ध पर टिकी हैं।